
ट्रंप और मेलानिया के पैर रखते ही कैसे बंद पड़ा एस्केलेटर? UN ने बताई वजह
AajTak
डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए एस्केलेटर और टेलीप्रॉम्प्टर बंद पड़े पर तंज कसते हुए कहा था कि मुझे यूएन से दो चीजें मिली हैं. पहला खराब एस्केलेटर और दूसरा खराब टेलीप्रॉम्प्टर.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में दुनियाभर के कई युद्ध रुकवाने का श्रेय लिया. लेकिन यूएन की उनकी ये विजिट दो वजहों से ज्यादा चर्चा में रही. पहला एस्केलेटर का रुकना और दूसरा उनके संबोधन से ठीक पहले टेलीप्रॉप्टर का बंद पड़ जाना. अब एस्केलेटर रुक जाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने भी प्रतिक्रिया जाहिर की है.
राष्ट्रपति ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप न्यूयॉर्क में 80वें संयुक्त राष्ट्र आम सभा में हिस्सा लेने पहुंचे थे. इस बीच जैसे ही मेलानिया ने एस्केलेटर पर कदम रखा. वह अचानक से रुक गया. इससे मेलानिया और उनके पीछे खड़े ट्रंप चौंक गए. मेलानिया तेज कदमों से बंद पड़े एस्केलेटर पर ही चढ़ना शुरू कर दिया. सोशल मीडिया पर इसे कॉन्सपिरेसी भी बताया गया. खुद व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लैविट ने सोशल मीडिया पोस्ट कर इसकी जांच करने की बात कही.
लेकिन अब संयुक्त राष्ट्र ने इस पूरे घटनाक्रम पर बयान दिया. यूएन के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने बताया कि अचान से एस्केलेटर रुकने की एक वजह सेफ्टी मैकेनिज्म भी है, जो ट्रिगर हो गया था. उन्होंने कहा कि ट्रंप के वीडियोग्राफर ने गलती से सेफ्टी फंक्शन चालू कर दिया होगा, जिस कारण एस्केलेटर बंद हो गया.
ट्रंप ने जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देना शुरू किया तो उन्होंने एस्केलेटर और टेलीप्रॉम्प्टर बंद होने पर संयुक्त राष्ट्र को घेरा. ट्रंप ने कहा कि मुझे संयुक्त राष्ट्र से दो चीजें मिलीं. पहला, खराब एस्केलेटर और दूसरा, खराब टेलीप्रॉम्प्टर.
एस्केलेटर और टेलीप्राम्प्टर बंद होने पर खफा थे ट्रंप
उन्होंने कहा कि अगर मेलानिया फिट नहीं होतीं तो एस्केलेटर अचानक बंद होने पर वह गिर भी सकती थीं. ट्रंप और मेलानिया के एस्केलेटर पर ट्रंप और मेलानिया के चढ़ते ही बंद हो जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.










