
ट्रंप आज करेंगे सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की मेजबानी, कभी US के टेररिस्ट लिस्ट में था नाम
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सीरिया में बशर अल-असद सरकार के पतन से पहले अहमद अल-शरा (जिन्हें अबू मोहम्मद अल-गोलानी नाम से जाना जाता था) हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) के लीडर थे, जो उत्तर-पश्चिमी सीरिया के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखता था. यह संगठन पूर्व में अल-कायदा का सहयोगी था, लेकिन बाद में अलग हो गया. एचटीएस और आईएसआईएस प्रतिद्वंद्वी थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज व्हाइट हाउस में सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा (अबू मोहम्मद अल-जुलानी) की मेजबानी करेंगे. वह 1946 में सीरिया की आजादी के बाद वाशिंगटन आने वाले पहले सीरियाई राष्ट्राध्यक्ष हैं. दो दशक पहले तक अहमद अल-शरा वैश्विक आतंकी संगठन अल-कायदा के संपर्क में थे और इराक में अमेरिकी सेना के खिलाफ लड़ते हुए पकड़े गए थे. उन्हें बगदाद के पास एक अमेरिकी डिटेंशन सेंटर में रखा गया था, जहां से वह भागने में सफल रहे थे.
हालांकि, वर्षों पहले उन्होंने अल-कायदा से नाता तोड़ लिया था और सीरिया में बशर अल-असद सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए विद्रोही गुट हयात तहरीर अल-शाम का नेतृत्व किया. एक साल पहले तक अमेरिका हयात तहरीर अल-शाम को अल-कायदा का सीरियाई विंग मानता था और इस पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था. अल-शरा की अमेरिका यात्रा से ठीक पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने उनके उपर लगे सभी प्रतिबंध हटा लिए. उसके बाद अमेरिका और ब्रिटेन ने भी अपनी ग्लोबल टेररिस्ट लिस्ट से उनका नाम हटा दिया.
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विरोधी देशों से संबंध सुधार रहे अल-शरा
दिसंबर 2024 में उनके नेतृत्व वाली विद्रोही सेनाओं ने बशर अल-असद को सत्ता से बेदखल करने में कामयाबी पाई. सीरिया में नई सरकार का गठन हुआ और अहमद अल-शरा राष्ट्रपति बने. तब से वे उन देशों के साथ नए संबंध स्थापित करने की कूटनीतिक कोशिशों में जुटे हैं, जिन्होंने 2011 में असद सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर क्रूर कार्रवाई के बाद शुरू हुए 14 वर्षीय गृहयुद्ध के कारण सीरिया का बहिष्कार किया था. अल-शरा इस साल मई में सऊदी अरब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिले थे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीरिया से दशकों पुराने आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध हटाने की घोषणा की थी.
एंटी-IS अलायंस में शामिल होगा सीरिया

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