
झारखंड से वाया कोलकाता दूसरी बार दिल्ली पहुंचे चंपाई सोरेन, क्या होगा अगला कदम?
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झामुमो से बगावत की खबरों के बीच हाल ही में जब चंपाई ने दिल्ली का दौरा किया था तो उन्होंने इसे एक निजी यात्रा बताई थी. लेकिन इस बार का दिल्ली दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि चंपाई का बगावती सुर अब खुलकर सामने आ गया है.
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन आज दिल्ली के दौरे पर है. रविवार को उन्होंने कोलकाता का दौरा किया था. सूत्रों की मानें तो चंपाई सोरेन नई दिल्ली में बीजेपी के आला नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं. झामुमो से बगावत की खबरों के बीच हाल ही में जब चंपाई ने दिल्ली का दौरा किया था तो उन्होंने इसे एक निजी यात्रा बताई थी. लेकिन इस बार का दिल्ली दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि चंपाई का बगावती सुर अब खुलकर सामने आ गया है.
लोगों से समर्थन की अपील की झामुमो से बगावती सुर अपनाने के बाद चंपाई सोरेन नई अध्याय यात्रा कर रहे हैं. शनिवार को भी चंपाई सोरेन ने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि राजनीतिक सफर में नए साथी की तलाश को लेकर दो-तीन दिन में रुख स्पष्ट करेंगे. ऐसे में दिल्ली दौरे के कई मायने निकाले जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि इस दौरे के बाद चंपाई सोरेन का अगला कदम स्पष्ट हो जाएगा.लोगों से मांगा था समर्थन शनिवार को सरायकेला खरसावां में चंपाई सोरेन ने लोगों से समर्थन मांगा था. उन्होंने कहा था कि वह 24 साल बाद एक नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं. चंपाई सोरेन ने कहा, 'आने वाले दिनों में हम झारखंड की जनता के लिए, आदिवासी और गरीबों के लिए काम करेंगे. देश के अंदर झारखंड का एक अलग परिचय देंगे. सभी को हम आगे बढ़ाकर सम्मान के साथ जीने का मौका देंगे. इसलिए जैसे आज तक आप लोग हमें प्यार देते आए हैं आगे भी दीजिए.'
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उन्होंने कहा, '24 साल के बाद हम एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं. हमने अपनी पोस्ट में अपने दिल का दर्द बयां किया था. हमने हमेशा गरीबों के लिए आवाज उठाई है. मुझे विश्वास है कि इस नए अध्याय में आप मेरा साथ देंगे. आने वाले दिनों में हम झारखंड के आदिवासियों, गरीबों और युवाओं के लिए काम करेंगे.'
चंपाई सोरेन ने बताए थे तीन विकल्प बगावती सुर के बाद चंपाई सोरेन ने तीन विकल्प बताए थे. उन्होंने कहा था कि 'मैं राजनीति से संन्यास नहीं लूंगा. मैंने तीन विकल्प बताए थे, रिटायरमेंट, संगठन या दोस्त. मैं रिटायर नहीं होऊंगा, मैं पार्टी को मजबूत करूंगा, नई पार्टी बनाऊंगा और अगर रास्ते में कोई अच्छा दोस्त मिलता है, तो उसके साथ आगे बढ़ूंगा.'

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