
जिसे सियासत ने पाला, उसी ने देश जला डाला? अब PAK को तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान पर लगाना पड़ा बैन
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पाकिस्तान ने कट्टरपंथी धार्मिक संगठन तेहरिक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) पर देशभर में प्रतिबंध लगा दिया है. ये फैसला पंजाब सरकार की सिफारिश और हालिया गाजा मार्च के दौरान TLP के हिंसक प्रदर्शन के बाद लिया गया. इस कदम के तहत संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कठोर कानूनी कार्रवाई, उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स और बैंक अकाउंट्स फ्रीज करना, और उनके सभी पोस्टर-बैनर हटाना शामिल है.
कभी कट्टर धार्मिक संगठनों को पालने वाले पाकिस्तान के सियासतदानों के लिए आज उनकी आंखों की किरकिरी बन गए हैं. हिंसक प्रदर्शन के बाद आखिरकार वहां की संघीय सरकार को तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान जैसे संगठन पर बैन लगाना पड़ा .
बता दें कि पाकिस्तान की संघीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में कट्टरपंथी धार्मिक संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) पर बैन लगाने को मंजूरी दे दी है. ये फैसला संविधान के अनुच्छेद 17 के तहत लिया गया है. पंजाब सरकार ने हाल ही में इस संगठन पर प्रतिबंध की सिफारिश की थी क्योंकि उसके कार्यकर्ताओं ने गाजा मार्च के दौरान हिंसक प्रदर्शन किए थे.
कैबिनेट की बैठक में हुआ फैसला
इस्लामाबाद में हुई बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति और TLP की हाल की गतिविधियों की समीक्षा की गई. गृह मंत्रालय ने संगठन की हिंसक गतिविधियों पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की, जिसके बाद मंत्रालय को प्रतिबंध लागू करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए.
पंजाब सरकार की सिफारिश
पिछले हफ्ते पंजाब सरकार ने केंद्र से TLP पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. ये मांग 13 अक्टूबर को मुरीदके में TLP समर्थकों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद आई थी. उस दौरान TLP गाजा मार्च निकालकर इस्लामाबाद पहुंचना चाहती थी, जहां वे अमेरिकी दूतावास के बाहर फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले थे.

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