
जापान में 26 डिग्री, इटली में 23... समझिए क्यों भारत में AC का मिनिमम टेंपरेचर 20 किया जा रहा
AajTak
Air Conditioner (AC) को लेकर जल्द ही सरकार की तरफ से एक नया नियम लाने की प्लानिंग चल रही है. आने वाले दिनों में AC को मिनिमम 20 और मैक्सिमम 28 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं चला पाएंगे. मंगलवार को केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साल 2047 के लिए मोदी सरकार के विजन के बारे में बताया. इस दौरान उन्होंने AC टेंपरेचर स्टैंडर्डाइजेशन को लेकर भी बात कही.
दिल्ली-NCR हो या फिर देश का कोई दूसरा शहर, लगभग हर जगह लोगों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ रहा है. गर्मी से राहत पाने के लिए घर, ऑफिस, मॉल या अस्पताल आदि में AC का यूज होता है. कई घरों में तो AC 16 डिग्री या 18 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर पर चलाया जाता है. अब सरकार मिनिमम टेंपरेचर को मिनिमम 20 करने की प्लानिंग कर रही है.
सरकार AC के टेंपरेचर को मानकीकृत यानी स्टैंडर्डाइजेशन करने की तैयारी कर रही है. इस नियम के तहत AC का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से कम और 28 डिग्री से ज्यादा नहीं होगा. भारत ऐसा करने वाला इकलौता देश नहीं है. दुनियाभर में AC टेंपरेचर को लेकर अलग-अलग स्टैंडर्ड और प्रीफ्रेंस हैं. यहां आपको दुनियाभर के देशों में AC टेंपरेचर स्टैंडर्ड के बार में बताने जा रहे हैं.
AC टेंपरेचर स्टैंडर्डाइजेशन के के पीछ का मकसद
सबसे पहले आपको बता देते हैं कि AC टेंपरेचर स्टैंडर्डाइजेशन करने का मकसद ऊर्जा संरक्षण, बिजली खपत में कमी और पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखना है. मंगलवार को केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साल 2047 के लिए मोदी सरकार के विजन के बारे में बताया. इस दौरान उन्होंने AC टेंपरेचर स्टैंडर्डाइजेशन को लेकर बातचीत की.
यह भी पढ़ें: AC में 'Ton' का मतलब क्या होता है? कैसे तय होती है कूलिंग कैपेसिटी
AC टेंपरेचर के ग्लोबल स्टैंडर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं कक्षा का फाइनल रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है. इस वर्ष लगभग 10 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए. परिणाम आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर लाइव कर दिए गए हैं. बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी की है ताकि नया शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो सके.











