
जानलेवा हाइवे: जहां हुआ साइरस मिस्त्री की कार का एक्सीडेंट, वहीं हुई 26 लोगों की मौत
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टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की कार एक्सीडेंट में जिस जगह पर मौत हुई. आंकड़ों को देखें तो मुंबई-अहमदाबाद हाइवे के इस 100 किमी के हिस्से पर इस साल की शुरुआत से अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है. इसे लेकर अब हाइवे पुलिस ने एक डिटेल्ड रिपोर्ट भी शेयर की है.
इस महीने की शुरुआत में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की एक कार एक्सीडेंट में मौत हो गई. मुंबई-अहमदाबाद हाइवे पर महाराष्ट्र के पालघर में जिस जगह पर उनकी मर्सडीज कार का एक्सीडेंट हुआ, उसे लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है. हाइवे पर मौजूद 100 किमी का ये स्ट्रेच जानलेवा साबित हो रहा है. इस साल की शुरुआत से अब तक इस 100 किमी की सड़क पर 262 से ज्यादा एक्सीडेंट हो चुके हैं.
ठाणे से पालघर तक के जानलेवा 100 KM
आधिकारिक आंकड़ों को देखें तो मुंबई-अहमदाबाद हाइवे का ठाणे में घोड़बदंर से लेकर पालघर के दपचारी तक का 100 किमी का स्ट्रेच खूनी रास्ते जैसा हो चुका है. साइरस मिस्त्री का कार एक्सीडेंट यहां होने वाली पहली दुर्घटना नहीं है. बल्कि इस साल की शुरुआत से अब तक यहां 262 सड़क दुर्घटना हो चुकी हैं. इसमें 62 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 192 लोग घायल हुए हैं.
ओवर स्पीडिंग एक्सीडेंट का बड़ा कारण
अधिकारियों का कहना है कि कई दुर्घटनाओं में ड्राइवर का गलत जजमेंट और ओवर स्पीडिंग अहम कारण हैं. लेकिन सड़क का खराब रखरखाव, सही संख्या में साइन बोर्ड का नहीं होना और स्पीड कंट्रोल करने वाले उपायों की कमी भी इस स्ट्रेच पर एक्सीडेंट का बड़ा कारण है.
जहां हुआ साइरस का एक्सीडेंट

मुंबई में अब तक 85 लोगों ने गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में पैसिव यूथेनेशिया के लिए अपनी सहमति जताई है. शिवसेना (यूबीटी) के बीएमसी समूह नेता अमेय घोले ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 24 जनवरी 2023 के निर्देशों के अनुसार स्थानीय निकायों के लिए ‘एडवांस मेडिकल डायरेक्टिव’ (AMD) या ‘लिविंग विल’ को स्वीकार करना, सुरक्षित रखना और प्रबंधित करना अनिवार्य है. लिविंग विल एक लिखित दस्तावेज होता है, जिसमें व्यक्ति पहले से यह तय करता है कि भविष्य में गंभीर स्थिति में वह किस तरह का इलाज लेना या न लेना चाहता है. इस पहल से लोगों में अपने चिकित्सा अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है.

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