
'जाति जनगणना के पक्ष में अचानक कैसे आई सरकार?', कांग्रेस ने केंद्र को घेरा, तेजस्वी बोले- ये हमारी जीत
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केंद्र सरकार ने जाति जनगणना कराने का फैसला किया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. इस फैसले पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कांग्रेस का कहना है कि अगर सरकार को राहुल गांधी की बात माननी ही है तो उनका विरोध क्यों किया जाता है? तेजस्वी यादव ने इसे 30 साल पुरानी मांग की जीत बताया है.
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जाति जनगणना कराने का ऐलान कर दिया है. कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. कांग्रेस जाति जनगणना को लेकर काफी मुखर थी, और पार्टी के सांसद राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे को उठा रहे थे. कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है, और पूछा है कि कहीं ये "हेडलाइन मैनेजमेंट" तो नहीं है.
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा का कहना है कि सरकार तो राहुल गांधी पर समाज को जातियों में बांटने का आरोप लगा रही थी, तो क्या सरकार अब समाज को जातियों में बांटेगी? उन्होंने कहा कि जो आजतक राहुल गांधी पर जातियों में बांटने का आरोप लगा रहे थे, अब वे ही इसे सरकार का "मास्टरस्ट्रोक" बताएंगे.
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'जब सरकार को बात ही माननी है तो राहुल गांधी का विरोध क्यों करते हैं?'
पवन खेड़ा ने कहा, "जब आपको (सरकार को) मानना ही है राहुल गांधी की बात तो विरोध ही क्यों करते हैं. ये चौथी-पांचवीं बार है जब राहुल गांधी की बात का पहले इन्होंने विरोध किया और फिर मान गए. या तो इन लोगों को सरकार नहीं चलानी आती..." पवन खेड़ा ने बताया कि सामाजिक न्याय के लिए पहला कदम जाति जनगणना है, और इसके साथ कई और कदम उठाने पड़ते हैं, और उठाने चाहिए.
कांग्रेस नेता ने इस बात पर कि ये जाति जनगणता कांग्रेस का कार्ड था, पवन खेड़ा ने कहा कि ये हमारा कार्ड नहीं था. सामाजिक न्याय के प्रति जो हमारे मन में निष्ठा है, उसे हम याद रखते हैं. पूरे देश को पता है कि असली कौन है, और नकली कौन है. सरकार के फैसले से संतुष्ट हैं या नहीं? कांग्रेस नेता ने कहा कि ये तो पहला कदम है, और इससे कैसे खुश हुआ जा सकता है. इसके बाद कई और कदम उठाने होंगे,

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