
जल, जमीन और आसमान... प्रयागराज में महाकुंभ की सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर देंगे हैरान
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दुनिया का सबसे बड़ा मेला सज चुका है. ये वो मेला है जिसमें 140 करोड़ भारतियों में से लगभग 45 करोड़ हिस्सा लेने जा रहे हैं. लगभग डेढ़ महीने के इस मेले का नाम है महाकुंभ. वो महाकुंभ जो 12 साल बाद आता है. अब जहां डेढ़ महीने में करीब एक तिहाई भारतीय यानि 45 करोड़ हिंदुस्तानी एक ही शहर की सरजमीन पर होंगे.
Maha Kumbh 2025: बस आंखें बंद कीजिए और सोचिए... एक छोटा सा शहर, जिसकी अपनी आबादी ही सिर्फ 70 लाख है, वहां लगभग 45 दिनों में 40 से 45 करोड़ लोग पहुंचने वाले हैं. 40 से 45 करोड़ इंसानों का मतलब समझ रहे हैं ना आप. बस यूं समझ लीजिए इंसानी सैलाब. अब इतनी बड़ी भीड़ की सुरक्षा सिर्फ यूपी क्या दुनिया के किसी भी देश के लिए किसी जंग की तैयारी जैसी है. प्रयागराज में महाकुंभ का मेला सज चुका है और इस मेले की हिफाजत के लिए सुरक्षा के जो इंतज़ाम किए गए हैं, उसे अगर एक शब्द में बयान किया जाए तो वो शब्द होगा- अभूतपूर्व.
कुंभ के लिए प्रयागराज आएंगे 45 करोड़ लोग दुनिया का सबसे बड़ा मेला सज चुका है. ये वो मेला है जिसमें 140 करोड़ भारतियों में से लगभग 45 करोड़ हिस्सा लेने जा रहे हैं. लगभग डेढ़ महीने के इस मेले का नाम है महाकुंभ. वो महाकुंभ जो 12 साल बाद आता है. अब जहां डेढ़ महीने में करीब एक तिहाई भारतीय यानि 45 करोड़ हिंदुस्तानी एक ही शहर की सरजमीन पर होंगे. तो सुरक्षा भी तो अभूतपूर्व ही होगी. जमीन से आसमान तक, संगम से तट तक, शहर से गलियों तक, नाव से गाड़ियों तक. पानी के ऊपर से पानी के नीचे तक. रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, गाड़ियां, रेलगाड़ियां शायद ही ऐसी कोई चीज हो जो सुरक्षा एजेंसियों की पैनी निगाहों से बच या छुप जाए.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 70 लाख की आबादी वाले प्रयागराज में अगले डेढ़ महीने में लगभग 45 करोड़ लोग आने वाले हैं यानि औसतन एक दिन में एक करोड़ लोग संगम पहुंचेंगे. इन 45 करोड़ लोगों की सुरक्षा करीब 75 हजार सुरक्षाकर्मियों के हाथों में होगी. इनमें यूपी पुलिस के अलावा तमाम सेंट्रल एजेंसियां और पैरामिलिट्री फोर्सेज़ शामिल हैं.
ये हैं सुरक्षा इंतजाम 75,000 सुरक्षा कर्मी, 70 जिलों की 50 हजार पुलिस, यूपी होमगार्ड्स, पीएसी, एटीएस, 2700 सीसीटीवी कैमरे, NSG के 100 कमांडो, एंटी टेरर स्कॉड (ATS), स्पेशल टास्क फोर्स (STF), नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), 4,300 फायर सेफ्टी यूनिट, 56 थाने, 155 चौकी, 10 पिंक बूथ, 3 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, 400 महिला पुलिसकर्मी, 30 स्पाटर्स (गुप्तचर) की टीम, 123 वॉच टावर, फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर, आसमान और पानी वाले ड्रोन, डिजिटल वॉरियर्स.
प्रयागराज जाने के लिए 7 रास्ते महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में दाखिल होने के 7 रास्ते हैं. संगम पहुंचने के लिए आपको इन्हीं सात रास्तों से गुजरना होगा. पहला जौनपुर, दूसरा वाराणसी, तीसरा मिर्जापुर, चौथा रीवा, पांचवा कानपुर-फतेहपुर, छठा लखनऊ-रायबरेली और आखिरी रास्ता सुल्तानपुर-प्रतापगढ़ से होते हुए प्रयागराज को जाता है. यानि अगर आप संगम आते हैं तो इन्हीं में से किसी एक रूट से आपका सामना होगा.
सात सुरक्षा घेरों से घिरे हैं घाट घाट पर पहुंचने और गंगा में डुबकी लगाने के लिए आपको सुरक्षा के सात घेरों से होकर गुजरना होगा. सबसे पहले किसी भी एंट्री प्वॉइंट से अंदर आने के लिए इंटर स्टेट चेकिंग से गुजरना होगा जो एक जिले से दूसरे जिले में जाने पर होती है. मेला क्षेत्र को 6 जोन में बांटा गया है. और दूसरी चेकिंग इन्हीं जोन लेवल पर की जाएगी. तीसरी बार कमिश्नरेट लेवल पर श्रद्धालुओं की तलाशी ली जाएगी. जो आउटर कॉर्डन पर मौजूद होंगी. चौथी सिक्योरिटी कुंभ मेला क्षेत्र में दाखिल होते ही की जाएगी. जिसकी तीन लेयर होंगी. यानि कुल मिलाकर 7 सुरक्षा घेरे हैं. घाट तक पहुंचते-पहुंचते आपको सात बड़े सुरक्षा घेरों से होकर गुजरना जरूरी होगा.

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