
जम्मू-कश्मीर: घाटी में बदलाव की बयार, पुलवामा-शोपियां में खुला सिनेमा हॉल
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जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद-370 को हटाने के बाद घाटी में बदलाव की बयार बह रही है. केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पुलवामा और शोपियां में एक मल्टीपर्पज सिनेमा हॉल खुल गया है. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसका शुभारंभ किया है.
जम्मू-कश्मीर के केन्द्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहां बदलाव की बयार बह रही है. पुलवामा और शोपियां में एक मल्टीपर्पज सिनेमा हॉल का शुभारंभ किया गया है, जहां घाटी के लोग फिल्मी गीतों की मधुर झंकार सुन सकेंगे, जबकि एक समय में ये इलाका सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच होने वाली मुठभेड़ के दौरान गोलियों की आवाज से थर्रा उठता था.
अनंतनाग, राजौरी, श्रीनगर में जल्द खुलेंगे सिनेमा हॉल
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलवामा और शोपियां में मल्टीपर्पज सिनेमा हॉल का उद्घाटन किया. जल्द ही अनंतनाग, श्रीनगर, बांदीपोरा, गंदेरबल, डोडा, राजौरी, पुंछ, किश्तवाड़ और रियासी में भी सरकार इस तरह के मल्टीपर्पज सिनेमा हॉल खोलने जा रही है. इस मौके पर मनोज सिन्हा ने कहा कि इन सिनेमा हॉल में फिल्म की स्क्रीनिंग के साथ-साथ इंफोटेनमेंट के कई शोज हो सकेंगे. वहीं युवाओं का कौशल विकास भी होगा.
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हर जिले में 'मिशन यूथ' के तहत इसी तरह के मल्टीपर्पज सिनेमा हॉल खोले जाने हैं. कल्चर, वैल्यू और आकांक्षाओं को दिखाने का सिनेमा एक मजबूत और क्रिएटिव माध्यम है. सिनेमा की दुनिया से जम्मू-कश्मीर का पुराना नाता रहा है. नई फिल्म नीति और सुविधाओं से इसे एक बार फिर बेहतरीन शूटिंग डेस्टिनेशन बनान पर काम किया जा रहा है. इससे यहां के युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ कौशल विकास भी होगा.
सिनेमा ने देश को दिए रोल मॉडल
ये मल्टीपर्पज सिनेमा हॉल मिशन यूथ, जिला प्रशासन और जादूज ग्रुप के सहयोग से पुलवामा और शोपियां के जिला मुख्यालय में बनाया गया है. मनोज सिन्हा ने कहा कि सिनेमा ने देश में बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई है. इसने देश को कई रोल मॉडल दिए, तो देश और समाज के लिए काम करने को लेकर प्रेरणा भी दी है.

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