
जब पिता की शराब की लत देखकर टूटे भुवन बाम, बोले 'बाहर मिलने वाले खड़े, अंदर क्लेश चल रहा'
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भुवन ने बताया कि उन्होंने पिता की समस्या के पीछे की वजह जानने की भी कोशिश की थी. मगर पिता ने कहा कि उन्हें अकेला छोड़ दिया जाए. भुवन ने बताया कि इस समस्या की वजह से सिचुएशन तब अजीब हो गई जब वो पॉपुलर होने लगे.
एक्टर-यूट्यूबर भुवन बाम जनता के सबसे फेवरेट कंटेंट क्रिएटर्स में से एक हैं. अब भुवन ने अपने स्वर्गीय पिता के बारे में बात की है. अपने यूट्यूब चैनल 'बीबी की वाइन्स' के लिए पॉपुलर भुवन ने अब बताया है कि उनके पिता को शराब पीने की बुरी लत थी और इसकी वजह से उनके घर पर भी 'क्लेश' होता था.
भुवन ने बताया कि उन्होंने पिता की समस्या के पीछे की वजह जानने की भी कोशिश की थी. मगर पिता ने कहा कि उन्हें अकेला छोड़ दिया जाए. भुवन ने बताया कि इस समस्या की वजह से सिचुएश तब अजीब हो गई जब वो पॉपुलर होने लगे.
भुवन ने बताई आप बीती 'बी अ मैन यार' पॉडकास्ट में बात करते हुए भुवन ने बताया, 'मैंने उन्हें पूछा- भरी दोपहरी कौन पीता है? क्या समस्या है? हमें बताओ आप. मेरे 10 मिलियन फॉलोअर्स (बीबी की वाइन्स पर) को सेलिब्रेट करने के लिए हमने केक काटा है, हम ट्रेवल करने वाले हैं, तो आप दिन के 12 बजे क्यों पीने लगे?' उन्होंने कहा- मेरी ये लत बन चुकी है और मैं चाहता हूं कि तुमलोग इसमें दखल न दो. मुझे ऐसे ही रहने दो. मैं तुम सब लोगों के लिए बहुत खुश हूं, बस बीच में मत आओ' सिंपल. मैं हैरान होता था कि इसके बाद उन्हें कहूं क्या? मैं जबरदस्ती उनसे ड्रिंक नहीं छीन सकता क्योंकि वो मेरे पिता हैं.'
भुवन ने अपने पिता की लत के बारे में बात करते हुए कहा कि आज उन्हें ये बात मजाक लगती है लेकिन जब वो मुड़कर देखते हैं तो उन्हें ये सब बहुत डरावना लगता है. ये उस दौर की बात है जब उनका चैनल 'बीबी की वाइन्स' पॉपुलर होने लगा था और लोग उनके घर आने लगे थे.
बाहर भुवन के फैन्स, घर में चल रहा क्लेश भुवन ने बताया, 'मेरे घर के बाहर हमेशा लाइन लगी रहती थी और 'बीबी की वाइन्स' के चलने के बाद, मैंने बालकनी में जाना बंद कर दिया. क्योंकि बाहर हमेशा 60-70 लोग होते थे, चाहे रात के 2 बज रहे हों या 3. उन सब के बीच में, अंदर क्लेश चल रहे हैं घर में- हम उनसे ना चिल्लाने की भीख मांग रहे हैं. मतलब, घमासान है घर के अंदर. मेरा कमरा सबसे ऊपर था, जहां मैं वीडियोज बनाता हूं. उस कमरे में जाने का रास्ता बाहर होकर था. अगर मैं उधर से निकला और किसी ने मुझे आवाज दी, तो मुझे विनम्रता दिखानी पड़ेगी. मेरा कॉन्शस मुझे ये इजाजत ही नहीं देगा कि मैं वो इग्नोर कर दूं और ऊपर चला जाऊं. तो मैं घूमकर जाता था, सबके साथ फोटो क्लिक करवाता था. और जब सब चले जाते थे, तब अंदर आता था, डैड से बात करता था और उनकी दिक्कत समझने की कोशिश करता था. लेकिन आवाजें ऊंची रहती थीं. ये साइकिल कभी नहीं रुकी. फिर मैंने तय किया कि मैं ऐसे नहीं रह सकता, मुझे घर बदलना पड़ेगा.'
लेकिन भुवन ने जिस दिन अपने घर की स्टाम्प ड्यूटी जमा की, उसी दिन उनके पिता को ब्रेन स्ट्रोक हो गया. अब वो भुवन और उनके भाई को पहचान नहीं पाते थे. '6-7 महीने तक, वो मुझे कोई और समझते थे. तो हम उनसे बात करते थे और ये याद दिलाने में मदद करते थे कि उनके दो बच्चे हैं. उन्हें दोनों नाम याद थे और दोनों के काम भी याद थे. मगर वो ये नहीं बता पाते थे कि ये सब सवाल उनका बेटा ही पूछ रहा है. और फिर एक दिन, जिस दिन मुझे प्लस-माइनस' के लिए फिल्मफेयर मिला, मैं घर आया. उन्होंने मुझे पहचान लिया और फिर अगले दो साल उन्होंने शराब नहीं पी.'

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