
जंग के बीच UAE से सुरक्षित निकला 'जग लाडकी', भारतीय टैंकर ला रहा है इतना क्रूड ऑयल
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संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा से भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर 'जग लाडकी' 80,800 टन मुर्बन कच्चा तेल लेकर सुरक्षित भारत के लिए रवाना हो गया. फुजैरा तेल टर्मिनल पर हमले के बावजूद जहाज और उसके सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. इससे पहले एलपीजी जहाज 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं. क्षेत्र में तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिस पर भारत सरकार लगातार नजर रखे हुए है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैरा से भारतीय ध्वज वाला एक कच्चे तेल का टैंकर सुरक्षित रूप से रवाना हो गया है. सरकार ने रविवार को बताया कि तेल टर्मिनल पर हमले के बावजूद जहाज ने सुरक्षित तरीके से तेल लोड किया और भारत के लिए रवाना हो गया. सरकार ने कहा कि वह पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और ईंधन आपूर्ति तथा समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
80,800 टन कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा जहाज सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार 'जग लाडकी' नाम का जहाज करीब 80,800 टन मुर्बन कच्चा तेल लेकर फुजैरा से भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर रवाना हुआ. यह जहाज भारत की ओर आ रहा है और उसमें सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. यह युद्ध प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने वाला चौथा भारतीय ध्वज वाला जहाज है.
तेल टर्मिनल पर हमले के दौरान कर रहा था लोडिंग सरकार के अनुसार 14 मार्च 2026 को जब 'जग लाडकी' फुजैरा के सिंगल प्वाइंट मूरिंग पर कच्चा तेल लोड कर रहा था, उसी समय फुजैरा तेल टर्मिनल पर हमला हुआ था. इसके बावजूद जहाज सुरक्षित तरीके से वहां से रवाना हो गया और अब भारत की ओर बढ़ रहा है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित इस जहाज का सुरक्षित निकलना भारतीय कूटनीति के लिए भी अहम माना जा रहा है. जहाज में लदा कच्चा तेल भी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है.
दो भारतीय गैस जहाज भी पार कर चुके हैं क्षेत्र शनिवार को दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी वाहक जहाज 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' भी युद्ध प्रभावित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुके हैं. इन दोनों जहाजों में करीब 92,712 टन एलपीजी लदा हुआ है.
'शिवालिक' 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचेगा, जबकि 'नंदा देवी' 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंचेगा. ये दोनों जहाज उन 24 जहाजों में शामिल थे जो क्षेत्र में युद्ध शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए थे.

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