
छह दिन तक बंद कमरे में आखिर क्या करते थे साहिल और मुस्कान, कसौल के होटल मालिक ने और क्या-क्या बताया
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कसौल की हसीन वादियों में साहिल और मुस्कान ने अपने आपको होटल पूर्णिमा के रूम नंबर 203 में छह दिनों बंद कर रखा था. उनके ये छह दिन आम पर्यटकों जैसे नहीं थे. बाहरी दुनिया से कटे रहना और किसी भी तरह की गतिविधि से बचना. ये सभी बातें इस मामले को और भी संदिग्ध बना रही हैं. आखिर दोनों क्या कुछ छुपाना चाह रहे थे या किसी और बड़ी साजिश की योजना बना रहे थे.
प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति की हत्या करने के बाद मुस्कान बेफिक्र होकर हिमाचल की वादियों में पहुंची. शिमला और मनाली के बाद, दोनों ने कसौल के होटल पूर्णिमा में छह दिन गुजारे, मगर ये छह दिन आम पर्यटकों जैसे नहीं थे, दोनों होटल के कमरे से बाहर नहीं निकलते थे, रूम क्लिनिंग के लिए भी किसी सफाई कर्मचारी को भी अंदर नहीं आने देते थे. ब्रेकफास्ट, लंच हो या डिनर थोड़ा सा दरवाजा खोलकर ही ले लेते थे. ऐसे में अब सवाल उठने लगा है कि दोनों होटल के कमरे में ऐसा क्या करते थे कि किसी को अंदर ही नहीं आने देते.
होटल मालिक की जुबानी
होटल पूर्णिमा के मालिक अमन कुमार ने बताया कि साहिल और मुस्कान ने किसी भी तरह की पूर्व बुकिंग नहीं कराई थी. 10 तारीख को अचानक होटल में कॉल कर उन्होंने एक कमरा बुक किया और उसी शाम होटल में चेक-इन किया. उनके साथ सिर्फ एक टैक्सी ड्राइवर था. होटल में एंट्री के समय जब आईडी मांगी गई, तो पहले साहिल ने अपना आईडी दिया, लेकिन मुस्कान ने आनाकानी की. होटल स्टाफ के दबाव डालने पर उसने भी आधार कार्ड दिखाया और खुद को साहिल की पत्नी बताया.
छह दिन तक कमरे में रहे कैद
अमन के मुताबिक होटल स्टाफ को इस जोड़े का व्यवहार अजीब लगा. आमतौर पर पर्यटक कसौल की खूबसूरत वादियों में घूमने जाते हैं, लेकिन साहिल और मुस्कान ने पूरा समय अपने कमरे में ही बिताया. 10 से 16 तारीख तक वे एक बार भी होटल से बाहर नहीं निकले. उनकी दिनचर्या भी रहस्यमयी थी . हर रोज उनका खाना-पीना कमरे में ही पहुंचाया जाता था, लेकिन वो खाना ले जाने वाले को अंदर नहीं आने देते थे. बाहर से ही ले लेते थे. उन्होंने न तो रूम क्लीनिंग करवाई और न ही होटल से कोई अतिरिक्त सामान मंगवाया. होटल स्टाफ के अनुसार, उन्होंने बाहर से किसी भी प्रकार का ऑर्डर तक नहीं किया.
कमरे में जन्मदिन का जश्न

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