
छत्तीसगढ़ में आज वोटिंग, सुरक्षा इंतज़ाम कितने पर्याप्त हैं?
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छत्तीसगढ़ में आज वोटिंग लेकिन सुरक्षा इंतज़ाम कितने पर्याप्त हैं, महादेव बेटिंग ऐप में कैसे फंसे भूपेश बघेल, मोदी सरकार का अगले 5 साल फ्री राशन जारी रखना मजबूरी है या रणनीति और कैसे भारतीय सेना अपने पुराने राइफल्स पर अब तक निर्भर है? सुनिए 'आज का दिन' में.
छत्तीसगढ़ और मिजोरम में आज पहले चरण की वोटिंग होनी है. हमने कल के दिन भर में बात की थी कि वो कौन सी सीटें हैं और इन सीटों पर किसका समीकरण ज्यादा पक्का है. कल देर रात तक वोटिंग के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के आखिरी इंतेजाम किये गए. छत्तीसगढ़ में कुछ नक्सल प्रभावित इलाके ऐसे भी हैं जहां पहली बार वोटिंग हो रही है लेकिन इसी दौरान एक घोटाला चर्चा में आया है जो चुनावों के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किल बन सकता है. वो है महादेव बैटिंग ऐप घोटाला. छत्तीसगढ़ वह राज्य है, जहां से महादेव बुक ऐप की शुरुआत हुई थी. इसका नेटवर्क अभी भी बहुत सक्रिय है. महादेव बेटिंग ऐप के एक्टिव सदस्य शोभित गुप्ता ने कहा कि बेटिंग ऐप की पूरे भारत में 100 से ज्यादा ब्रांच हैं. और अब इसके जांच की आंच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुँच गई है. जांच एजेंसी ईडी के पास कुछ ऐसे सुराग हैं जिनके मुताबिक इस मामले में सीएम बघेल को 508 करोड़ रुपये दिए गए हैं. चुनावों के दौरान बघेल और कांग्रेस के लिए ये कितनी बड़ी मुश्किल है और सुरक्षा को लेकर कितने पर्याप्त इंतजाम हैं? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.
_________ 4 नवंबर को मध्यप्रदेश के दुर्ग से एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना को अगले पाँच साल भी जारी रखा जाएगा. और ये घोषणा तब हुई जब इस योजना के खत्म होने का समय आ रहा था. हालांकि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अभी तक इसके विस्तार को मंजूरी नहीं दी है, लेकिन ये कहा जा रहा है कि इसे कल होने वाली कैबिनेट बैठक में पेश किया जा सकता है. बीते कई विधानसभा चुनावों में ये योजना बीजपी के लिए कितनी फायदेमंद साबित हुई है – ये समय समय पर विश्लेषक बताते रहे हैं. अब जब आने वाले कुछ ही दिनों में लोकसभा चुनाव हैं और पाँच राज्यों के विधानसभा चुनाव भी आज से शुरू हो रहे हैं तब रेवड़ी कल्चर की खुले मंच पर आलोचना करने वाले प्रधानमंत्री का ये ऐलान मजबूरी है या रणनीति? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.
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हमने कई तस्वीरें देखी हैं जब पुलिस मजबूर होती है अपराधियों के सामने कई दफे. एक ऐसी ही खबर है जो भारतीय सेना में भी ऐसी ही कुछ तस्वीर को बयान करती है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय पैदल सेना को अब तक 200,000 से अधिक प्राथमिक 7.62 x 51 मिमी असॉल्ट राइफलों की जरूरत है. लेकिन अब तक उनकी सप्लाई पूरी नहीं हो सकी है. अब सेना मौजूदा राइफल्स को ही अपग्रेड कर काम में लाने की कोशिश में है. सवाल है कि ऐसी स्थिति क्यों बनी और हथियार जो सेना के लिए सबसे जरूरी चीज है, उसी की सप्लाई में बाधा क्यों है और मौजूदा हथियारों को ही अपग्रेड किया जाएगा? क्या ये पर्याप्त है? 'आज का दिन' में सुनने के लिए क्लिक करें.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








