
छत्तीसगढ़ में मतदान से पहले 'महादेव' पर 'महाभारत', सट्टा ऐप का चुनाव से क्या है कनेक्शन
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छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से पहले ही महादेव ऐप के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है. यह ऐप ईडी की रडार पर है. ऐसे में कहा जा रहा है कि ईडी के हाथ एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस लगा है, जिससे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दिक्कतें बढ़ सकती हैं. ईडी के मुताबिक आरोप है कि इसी सट्टे ऐप वाले पैसे के जरिए छत्तीसगढ़ का विधानसभा चुनाव साधने की कोशिश होने वाली थी.
ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाला महादेव ऐप इन दिनों चर्चा में है. दावा है कि यह App एक ब्रांच से हर हफ्ते 30 लाख रुपए मुनाफा कमाता है. यानी महीने में एक ब्रांच से 12,000,000 रुपए का चोखा फायदा. ऐसा दावा है कि कुल 600 ब्रांच यानी एक महीने में कुल 7,200,000,000 (720 करोड़ रुपए) का मुनाफा. यानी एक साल में 86,400,000,000 (8 हजार 640 करोड़ रुपए) का मुनाफा होने का एक अनुमानित दावा इस ऐप को लेकर किया जा रहा है.
यह पैसा इतना होता है कि छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्य की तीन करोड़ की कुल आबादी को भी बांटना शुरू किया जाए तो सिर्फ एक साल का मुनाफे में से दावा है कि प्रति व्यक्ति 2880 रुपए बंट जाए. अब आप सोच रहे होंगे कि सट्टे के ऐप का छत्तीसगढ़ से क्या कनेक्शन है...
छत्तीसगढ़ से कैसे जुड़े सट्टा ऐप के तार
चलिए आपको बता देते हैं कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से पहले ही महादेव ऐप के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है. यह ऐप ईडी की रडार पर है. ऐसे में कहा जा रहा है कि ईडी के हाथ एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस लगा है, जिससे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दिक्कतें बढ़ सकती हैं. ईडी के मुताबिक आरोप है कि इसी सट्टे ऐप वाले पैसे के जरिए छत्तीसगढ़ का विधानसभा चुनाव साधने की कोशिश होने वाली थी.
चुनावी राज्य छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम ईडी की जांच के दौरान आ रहा है. मुख्यमंत्री इन तमाम आरोपों को खारिज कर रहे हैं. लेकिन बीजेपी उन्हें घेरने में लगी हुई है.
वोटिंग से पहले सीएम बघेल को फंसाने की साजिश

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