
छठ पर यमुना के झाग पर सियासत तेज, AAP का झाग कम करने के लिए जहरीले रसायन के इस्तेमाल के आरोपों से इनकार
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आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज का कहना है कि यह बेहद हास्यास्पद है कि यमुना में झाग कम करने के लिए 'जहरीले रसायन' का इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कहा कि रसायन का मतलब जहर नहीं है. यहां तक कि पानी को साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाली क्लोरीन और फिटकरी भी एक प्रकार का केमिकल ही है.
छठ का महापर्व शुरू होने जा रहा है, ऐसे में यमुना नदी की सफाई को लेकर शुरू हुए राजनीतिक विवाद पर अब आम आदमी पार्टी ने केमिकल को लेकर दावे किए हैं. दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बयान जारी कर कहा है कि दिल्ली जल बोर्ड ने छठ पूजा के लिए एक महीने पहले यमुना नदी में झाग और प्रदूषण कम करने की तैयारी शुरू कर दी थी, ताकि भक्तों को सूर्य को अर्घ्य देने में किसी तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े.
दिल्ली सरकार की पहले के बाद ही केंद्र सरकार के तहत स्वच्छ गंगा के लिए गठित राष्ट्रीय मिशन (एनएमसीजी) ने भी यमुना में झाग को रोकने के लिए इसी तरह के कदमों की सिफारिश की.
यमुना का झाग कम करने के लिए जहरीले रसायन के इस्तेमाल के आरोप गलत
AAP प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह बेहद ही हास्यास्पद और गलत है कि यमुना में झाग कम करने के लिए 'जहरीले रसायन' का इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कहा कि रसायन का मतलब जहर नहीं है. यहां तक कि पानी को साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाली क्लोरीन और फिटकरी भी एक प्रकार का केमिकल ही है.
उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड अपनी ओखला सीवेज परीक्षण प्रयोगशाला के जरिए ओखला बैराज के डाउनस्ट्रीम मापदंडों की नियमित रूप से निगरानी कर रहा है, जो आईएसओ और एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला है.
उन्होने यह भी बताया कि लैब में किए गए ताजा परीक्षणों की रिपोर्ट से पता चलता है कि छिड़काव के बाद यमुना के पानी की गुणवत्ता के मानकों में सुधार हुआ है. रिपोर्टों से पता चलता है कि घुलित ऑक्सीजन (डीओ) का स्तर 4.42 मिलीग्राम / लीटर तक पहुंच गया है जो प्रमाणित करता है कि यह रसायन जहरीला नहीं है बल्कि इस रसायन के छिड़काव के बाद यमुना के पानी की गुणवत्ता में सुधार हुआ है.

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