
चौंकिए मत... 4 साल में 4 गुना, शेयर बाजार में देश के इस इलाके के लोग उमड़े!
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उत्तर भारत के लोग अब प्रॉपर्टी और सोने जैसे पारंपरिक निवेश विकल्पों की जगह शेयर मार्केट को तरजीह दे रहे हैं. दिलचस्प बात है कि इसमें राजस्थान और दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश सबसे आगे है.
भारतीयों के निवेश का तरीका अब बदलता जा रहा है. पहले जहां बैंक एफडी और गोल्ड-प्रॉपर्टी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में इंवेस्टर्स पैसा लगाते थे. वहीं अब ये ट्रेंड तेजी से बदल रहा है. खासकर उत्तर भारत के लोग तो अब प्रॉपर्टी और सोने जैसे पारंपरिक निवेश विकल्पों की जगह शेयर मार्केट को तरजीह दे रहे हैं. इसके असर से बीते 4 साल के दौरान शेयर बाजार में उत्तर भारत के निवेशकों की संख्या में चार गुना की उछाल दर्ज की गई है.
किस राज्य में सबसे ज्यादा शेयर बाजार के निवेशक?
दिलचस्प बात है कि इसमें राजस्थान और दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश सबसे आगे है. आंकड़ों के मुताबिक 2019-2020 में शेयर बाजार में उत्तर भारत के कुल 88.4 लाख निवेशक थे. जिनकी संख्या इस साल जुलाई तक चार गुना बढ़कर 3.57 करोड़ तक पहुंच गई है. वहीं अगर इस आंकड़े की तुलना देश के बाकी क्षेत्रों से की जाए तो वो उत्तर भारत के मुकाबले काफी पीछे हैं.
अब देश के पश्चिम क्षेत्र के निवेशकों की संख्या 2019-20 के 1.08 करोड़ से 182 फीसदी बढ़कर 3.05 करोड़ पहुंच गई है. दक्षिण भारतीय निवेशकों की संख्या 75 लाख से 172 फीसदी बढ़कर 1.89 करोड़ और पूर्वी भारत में शेयर मार्केट निवेशकों की संख्या 296 फीसदी बढ़कर 1.19 करोड़ निवेशक हो गई है. यानी उत्तर भारतीय निवेशकों की संख्या इन 4 साल में ना केवल सबसे ज्यादा बढ़ी है, बल्कि ये 2019-20 के दूसरे स्थान से अब पहले नंबर पर आ गई है.
सोना-चांदी के मुकाबले शेयर को तरजीह
पारंपरिक तौर पर शेयर बाजार में निवेश करने वाले ज्यादातर लोग देश के पश्चिमी भाग यानी महाराष्ट्र और गुजरात से होते थे, जो अब फिसलकर नंबर दो पर पहुंच गया है.

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