
चूहे गटक गए 802 बोतल अंग्रेजी शराब! झारखंड में शराब नीति से पहले हैरान करने वाला मामला
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धनबाद का कोयलांचल इलाका आमतौर पर कोयला माफिया, वर्चस्व की लड़ाई और गैंगवार के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार यहां के चूहे सुर्खियों में हैं. वजह भी बेहद अनोखी है. इन चूहों पर 802 बोतल अंग्रेजी शराब पी जाने का आरोप है.
धनबाद का कोयलांचल इलाका आमतौर पर कोयला माफिया, वर्चस्व की लड़ाई और गैंगवार के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार यहां के चूहे सुर्खियों में हैं. वजह भी बेहद अनोखी है. इन चूहों पर 802 बोतल अंग्रेजी शराब पी जाने का आरोप है. जी हां, चूहों ने गांजा और भांग के बाद अब शराब पीकर नया कारनामा कर डाला है.
दरअसल, झारखंड में 1 सितंबर से नई शराब नीति लागू होने जा रही है. इससे पहले राज्य भर की शराब दुकानों में मौजूद स्टॉक का मिलान किया जा रहा है. इसी क्रम में बलियापुर और प्रधानखंता स्थित दुकानों की जांच की गई, जहां कई शराब की बोतलें खाली मिलीं तो कई की ढक्कनों में छेद पाए गए.
स्टॉक मिलान के दौरान मजिस्ट्रेट, उत्पाद विभाग के सब इंस्पेक्टर और एजेंसी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खुलासा हुआ कि कुल 802 बोतल शराब या तो पूरी खाली हैं या उनमें बड़ी कमी है. जब संचालकों से इस पर जवाब मांगा गया तो उन्होंने चूहों पर सारा ठीकरा फोड़ दिया. कहा गया कि चूहों ने ढक्कन कुतरकर शराब पी ली.
पहले भी आ चुका है ऐसा मामला गौरतलब है कि अप्रैल 2024 में भी धनबाद में ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जब राजगंज थाना में जप्त किए गए 10 किलो भांग और 9 किलो गांजा चूहों द्वारा नष्ट करने की बात कही गई थी. उस वक्त पुलिस ने अदालत को बताया था कि स्टोर रूम में रखे गांजा-भांग को चूहों ने खा लिया.
विभाग ने एजेंसी को ठहराया जिम्मेदार इस पूरे प्रकरण पर उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त रामलीला रवानी ने स्पष्ट किया है कि चूहों ने शराब पी या नहीं, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है. उन्होंने कहा, शराब की बोतलें कम मिली हैं, इसकी भरपाई एजेंसी को करनी ही पड़ेगी. विभाग ने फ्रेश माल दिया था, उसी हालत में वापसी चाहिए. अब एजेंसी को नोटिस भेजकर शराब की रकम की वसूली की जाएगी.
अब देखना यह है कि उत्पाद विभाग चूहों पर कार्रवाई करता है या एजेंसी पर, लेकिन इतना तय है कि कोयलांचल में चूहों की शराबखोरी ने सबको हैरान कर दिया है.

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