
चुनाव आयोग का वो फैसला जो शिंदे सरकार के लिए बन गया 'सेफ पैसेज'! स्पीकर के फैसले में क्या-क्या है?
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महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने शिवसेना विधायकों की अयोग्यता के नोटिस पर बहुप्रतीक्षित फैसला सुना दिया है. स्पीकर के फैसले में चुनाव आयोग का फैसला शिंदे सरकार के लिए 'सेफ पैसेज' बन गया तो वहीं इसमें विरोधाभास भी हैं. जानिए स्पीकर के फैसले में क्या-क्या है?
शिवसेना के कुल 34 विधायकों के खिलाफ पांच ग्रुप में अयोग्यता के नोटिस पर महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर ने अपना बहुप्रतीक्षित फैसला सुना दिया है. स्पीकर राहुल नार्वेकर के फैसले पर सवाल उठाते हुए शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है तो वहीं उद्धव की पार्टी से ही राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोल दिया है.
शिवसेना के उद्धव समर्थक पुणे में सड़कों पर उतर आए और पुलिस के साथ झड़प की घटना भी हुई. महाराष्ट्र में एक बड़े सियासी घटनाक्रम को लेकर बहुप्रतीक्षित फैसले के साथ जहां पटाक्षेप की बातें कही जा रही थीं, वहां अब एक नई बहस शुरू हो गई है तो इसकी वजह क्या है? इसे समझने के लिए स्पीकर के फैसले के दो पहलुओं के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की चर्चा भी जरूरी हो जाती है.
क्या था सुप्रीम कोर्ट का आदेश?
सुप्रीम कोर्ट उद्धव ठाकरे की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र के स्पीकर को अयोग्यता नोटिस पर जल्द फैसला लेने के लिए कहा था. कोर्ट ने स्पीकर को यह निर्देश भी दिया था कि केवल संख्याबल नहीं बल्कि शिवसेना के संविधान, संगठन के ढांचे को भी फैसला लेते समय ध्यान में रखें. सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर से प्रथम दृष्टया यह तय करने को भी कहा था कि असली शिवसेना किसकी है? सर्वोच्च न्यायालय ने फैसले में देरी को लेकर भी नाराजगी जताई थी और पहले 31 दिसंबर, फिर 10 जनवरी तक की समयसीमा निर्धारित किया था.
क्या है स्पीकर राहुल नार्वेकर का फैसला?
सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित समयसीमा जिस दिन समाप्त हो रही थी, स्पीकर राहुल नार्वेकर ने 1200 पेज का भारी-भरकम फैसला सुनाया. स्पीकर नार्वेकर ने सबसे पहले असली शिवसेना किसकी है, इस बिंदु पर अपना फैसला सुनाया. उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े को ही असली शिवसेना माना. स्पीकर ने अपने आदेश में निर्वाचन आयोग के फैसले का जिक्र किया और कहा कि मैं इसे नहीं पलट सकता.

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