
चर्चिल और मंडेला के बाद PM मोदी अमेरिका में बनाएंगे ये रिकॉर्ड, फैमिली डिनर, स्टेट डिनर... जानें क्या है खास
AajTak
तारीख 21 जून, स्थान- संयुक्त राष्ट्र. इस दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की धरती से योग के जरिये विश्व को भारत के सॉफ्ट पावर से परिचय कराएंगे. अमेरिका में पीएम मोदी का ये दौरा काफी हाई प्रोफाइल रहने वाला है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह एक वीवीआईपी दौरे पर अमेरिका जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका की ये राजकीय यात्रा भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक निर्णायक क्षण बनने जा रहा है. पीएम मोदी अमेरिका पहुचते ही न्यूयॉर्क में 21 जून को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद वाशिंगटन में उनका आधिकारिक दौरा शुरू होगा. 23 जून को पीएम मोदी अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करेंगे. इस दौरान वे एक ऐसा रिकॉर्ड बनाएंगे जिससे उनका नाम ब्रिटेन के पूर्व पीएम विस्टन चर्चिल और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के साथ जुड़ जाएगा.
बता दें कि दिसंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी. पीएम मोदी 21 जून को ही न्यूयॉर्क पहुंचेंगे. उसी दिन वे संयुक्त राष्ट्र के सचिवालय में योग कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे.
योग को यूएन के तत्वाधान में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की अगुआई भारत ने की थी. भारत के इस प्रस्ताव पर 175 देशों ने सहमति जताई थी. संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि यूएन सचिवालय में पीएम मोदी का योग दिवस मनाने के लिए मौजूद होना खास होगा.
राष्ट्रपति बाइडेन और फर्स्ट लेडी के साथ प्राइवेट डिनर
अपने तीन दिवसीय दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री 21 जून को ही न्यूयॉर्क से वाशिंगटन जाएंगे. वाशिंगटन में पीएम मोदी के स्वागत के लिए भव्य और व्यापक तैयारियां की गई है. 21 जून की रात को प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति बाइडेन और उनकी पत्नी जिल के द्वारा उनके यहां डिनर पर आमंत्रित हैं. ये डिनर बेहद निजी होगा.
व्हाइट हाउस के एक बड़े अधिकारी ने कहा कि "हम व्हाइट हाउस के लॉन में एक बहुत ही महत्वपूर्ण आगमन समारोह करेंगे. इससे एक रात पहले, यानी कि 21 जून को मैं उम्मीद करता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति बाइडेन और बाइडेन परिवार के पास कुछ एकांत पल होंगे जहां उन्हें वास्तव में एक साथ बैठने और बातचीत करने का मौका मिलेगा.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









