
गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बगावत तेज, जनता ने सरकार को दिया अल्टीमेटम
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पाकिस्तान वर्तमान में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में व्यापक प्रदर्शन शामिल है. स्थानीय लोग खनिज, जमीन और बिजली संकट के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं, सरकार और सेना की नीतियों का विरोध कर रहे हैं.
पाकिस्तान चारों ओर से घिरता हुआ नजर आ रहा है. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला करने के बाद भारत एक ओर से ताबड़तोड़ एक्शन कर रहा है. वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान (PoGB) में रविवार को लोगों ने पाक सेना और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह जमीन कब्जा करने आएंगे तो उनके कब्र यहीं पहाड़ पर बना दिया जाएगा.
गिलगित-बाल्टिस्तान में लोग खनिज, जमीन और बिजली संकट को लेकर पाक सरकार और सेना के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. शिगर जिले में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ.
'हमारे संसाधन, हमारे अधिकार' - शिगर की आवाज
शिगर में प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों लोगों ने आवाज उठाई कि 'कब्जे पर कब्जा नामंजूर' है. लोगों ने आरोप लगाया कि पाक सरकार बिना अनुमति के वहां के लोगों की संपत्ति हड़पना चाहती है.
के2 एक्शन कमेटी द्वारा शिगर जिले में आयोजित विरोध प्रदर्शन में तिसर, बाशो, हैदराबाद, डासू समेत आसपास के लोग शामिल हुए. यह लोग बैनर लेकर आए थे, जिनपर लिखा था यहां की प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय लोगों का अधिकार है और उसे सुरक्षित रखा जाए.
लोगों के बीच डर है कि पाकिस्तान की ओर से खनिजों को लेकर लाए जाने वाले नए कानून से उनकी आजीविका खतरे में पड़ जाएगी. लोगों का कहना है कि कानून को लेकर स्थानीय लोगों की राय लेनी चाहिए, उन्हें खनन नीति मंजूर नहीं है.

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