
'गाजा में बंधक बनाए परिवार के 10 महीने के बच्चे की इजरायली हमले में मौत...', हमास का दावा
AajTak
रिपोर्ट के अनुसार उनके अपहरण के एक वीडियो में भयभीत शिरी बच्चों को कंबल में लपेटे हुए दिखाई दे रही है, क्योंकि उन्हें कैद में रखा गया था. यार्डन की बहन ओफरी बिबास ने कहा कि एक क्लिप में यार्डन को हथौड़े के वार से सिर पर चोट हमला करते दिखाया गया है.
इजरायल-हमास के बीच 7 अक्टूबर से जारी जंग इन दिनों थम गई है. इसी बीच हमास की ओर से बड़ा दावा किया गया है. हमास की ओर से कहा गया है कि उन्होंने गाजा में एक परिवार को बंधक बनाया था. इस परिवार में 10 महीने का एक बच्चा भी शामिल था, लेकिन ये बच्चा केफिर बिबास इजरायली हमले में मारा गया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार हमास की सशस्त्र शाखा ने कहा कि इस बच्चे के 4 साल के भाई एरियल बिबास और उनकी मां शिरी बिबास भी इजरायली हमलों में मारे गए हैं. वहीं इजरायली सेना ने कहा कि वह हमास के दावे की जांच कर रही है. एक बयान में कहा गया है कि गाजा पट्टी में सभी बंधकों की सुरक्षा के लिए हमास पूरी तरह जिम्मेदार है.
इजरायल के मुख्य सैन्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने कहा था कि केफिर, एरियल और उनके माता-पिता को हमास ने एक फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह को सौंप दिया था. एक सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल अविचाई अद्राई ने कहा कि परिवार दक्षिणी गाजा पट्टी में खान यूनिस के क्षेत्र में था.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार उनके अपहरण के एक वीडियो में भयभीत शिरी बच्चों को कंबल में लपेटे हुए दिखाई दे रही है, क्योंकि उन्हें कैद में रखा गया था. यार्डन की बहन ओफरी बिबास ने कहा कि एक क्लिप में यार्डन को हथौड़े के वार से सिर पर चोट हमला करते दिखाया गया है.
वहीं, नेतन्याहू ने कहा कि कोई बंधक समझौता नहीं होगा. बंधकों को मुक्त करने की हमारी कोशिश खत्म होने के बाद भी इज़रायल गाजा में ऑपरेशन को पूरी तरह से नहीं रोकेगा. इजरायल अंत तक हमास से लड़ने के लिए वापस आ जाएगा.
बता दें कि हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हजारों रॉकेट दागे थे. इसके बाद इजरायल ने गाजा पट्टी पर भारी तबाही मचाई. इजरायल-हमास की जंग में हजारों लोग मारे जा चुके हैं. इस जंग में कई देशों की एंट्री हुई. पूरा विश्व दो धड़ों में बंट गया. वहीं मुस्लिम देशों ने फिलिस्तीन का समर्थन करते हुए इजरायल पर कई पाबंदियां लगाने की मांग की थी.

व्हाइट हाउस ने गाजा को फिर से बसाने और उस पर शासन के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों की लिस्ट जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सदस्य होंगे. देखें दुनिया आजतक.

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. अयातुल्ला अली खामेनेई की हुकूमत ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए फांसी जैसे खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया तो अमेरिका ने सीधे एक्शन की चेतावनी दे डाली. हालांकि बाद में ईरान और ट्रंप के ताजा बयानों ने दुनिया को थोड़ी राहत दी. मगर ईरान संकट अब सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि वैश्विक टकराव का संकेत बनता जा रहा है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है जो पहले वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को मिला था. मचाडो ने यह पुरस्कार ट्रंप को सौंपा और ट्रंप ने इसे खुशी-खुशी स्वीकार किया. यह घटना राजनीतिक जगत में खास तूल पकड़ रही है और दोनों नेताओं के बीच इस सम्मान के आदान-प्रदान ने चर्चा का विषय बना है. ट्रंप के लिए यह एक बड़ा सम्मान है जिसका उन्होंने खुले दिल से स्वागत किया.

अमेरिका ने ईरान पर हमले की चेतावनी के बाद अपने कदम फिलहाल वापस ले लिए हैं. हाल तक अमेरिका ईरान की हवाई और समुद्री घेराबंदी कर रहा था, लेकिन अब उसने मामले को डिप्लोमेसी के माध्यम से सुलझाने का अंतिम मौका दिया है. ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला किया था, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आर्मी को हमले के लिए तैयार रहने का आदेश दिया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की उनकी योजना का समर्थन न करने वाले देशों पर टैरिफ लगाया जा सकता है. इस बयान से यूरोपीय सहयोगियों के साथ तनाव बढ़ गया है. अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच बातचीत जारी है, जबकि डेनमार्क और कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है.

पाकिस्तान एक बार फिर भारत की सीमा में ड्रोन भेज रहा है. जनवरी से जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में छोटे और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन देखे गए हैं. सेना के मुताबिक ये आत्मघाती ड्रोन नहीं बल्कि निगरानी के लिए भेजे गए यूएवी हैं. माना जा रहा है कि पाकिस्तान भारत की सुरक्षा तैयारियों और प्रतिक्रिया समय को परखने की कोशिश कर रहा है.







