
गमला चुराने, सांप्रदायिकता फैलाने के आरोप, अब 'कोबरा कांड' में नाम... कब-कब विवादों में रहे एल्विश यादव
AajTak
Elvish Yadav controversy: यह पहली बार नहीं हो रहा है, जब एल्विश यादव का नाम किसी कंट्रोवर्सी में सामने आया है. इससे पहले भी उन पर गमला चुराने से लेकर सांप्रदायिकता फैलाने तक के आरोप लग चुके हैं. आइए आपको बताते हैं कि एल्विश यादव कब-कब विवादों में रहे.
यूट्यूबर एल्विश यादव का नाम एक बार फिर विवादों में है. विवाद भी ऐसा, जिसमें बात यूट्यूबर की गिरफ्तारी तक पहुंच गई है. मामला जहरीलों सांपों के जहर की अवैध सप्लाई से जुड़ा हुआ है, जिसका इस्तेमाल रेव पार्टी में नशे के लिए किया जाता है.
यह अपने आप में अनोखा मामला है, लेकिन यह पहली बार नहीं है, जब एल्विश यादव विवादों में आए हैं. इससे पहले भी एल्विश का नाम कई बार विवादों में आ चुका है, फिर चाहे वह गमला चुराने वाला केस हो या फिर सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप हो. बता दें कि एल्विश पर कई बार सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिकता फैलाने के आरोप लग चुके हैं.
क्या है गमला चोरी का किस्सा?
गुरुग्राम में जी-20 की सजावट के लिए रखे गए गमलों को चोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. हरियाणा पुलिस ने इस मामले में मनमोहन यादव नाम के शख्स को गिरफ्तार किया था. लेकिन लोगों ने फोटो और वीडियो शेयर करते हुए दावा किया था कि जिस कार से गमले चोरी किए गए वह एल्विश यादव की थी, या एल्विश उसे इस्तेमाल करते थे. कई यूजर्स ने यह भी कहा था कि एल्विस के तिजारा वाले मीट के वीडियो और गमले चोर के वीडियो की गाड़ियों के नंबर मिलाने पर सब कुछ क्लियर समझ में आ जाएगा. हालांकि, एल्विश ने बाद में सफाई जारी करते हुए कहा था कि गमला चोरी से उनका कोई कनेक्शन नहीं है.
कैसे हुआ 'कोबरा कांड' का खुलासा
जानवरों की भलाई के लिए काम करने वाले एनजीओ पीपल्स फॉर एनिमल (PFF) की एक टीम काफी दिनों से इस रहस्य के खुलासे की कोशिश में लगी हुई थी. असल में एनजीओ से जुडे लोगों को लंबे वक्त ये खबर मिल रही थी कि दिल्ली एनसीआर में कुछ ऐसी रेव पार्टीज का भी आयोजन होता है, जिसमें अमीरजादे नशे के लिए सांपों के जहर तक का इस्तेमाल करते हैं. ये अपने-आप में जितनी खतरनाक बात थी, उतनी ही चौंकाने वाली. लेकिन इससे भी ज्यादा हैरानी की बात ये थी कि PFF के इनफॉर्मर लगातार ये बता रहे थे कि ऐसी रेव पार्टी के पीछे सोशल मीडिया का एक ऐसा मशहूर चेहरा है, जिसके फॉलोअर्स लाखों में हैं. लेकिन इसके बावजूद वो ना सिर्फ जानवरों की तस्करी के इस रैकेट से बल्कि जहर वाली रेव पार्टी के नेक्सस से भी जुड़ा हुआ है.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








