
खाक आशियाने, जलती बसें और सड़कों पर उपद्रवी...10 तस्वीरों में देखें वक्फ कानून के विरोध में कैसे जल उठा मुर्शिदाबाद
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Murshidabad Violence: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के विरोध के दौरान हिंसा भड़क गई. उपद्रवियों ने पुलिस को निशाना बनाते हुए पथराव, आगजनी की. इस हिंसा में अब तक 3 लोगों की मौत हो गई हैं, जबकि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 150 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया है.
वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसा भड़क गई. उपद्रवियों ने कई इलाकों में पथराव किया. आगजनी की. ट्रेनें रोकीं. कई दफ्तरों को नुकसान पहुंचाया. साथ ही पुलिस वालों को भी निशाना बनाया. हिंसा में 3 लोगों की मौत हो चुकी है. हिंसक झड़प में 15 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और अब तक 150 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
वहीं, कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद मुर्शिदाबाद में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है. हिंसा प्रभावित इलाकों में ये जवान तैनात रहेंगे और कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में राज्य की मदद करेंगे. साथ ही पुलिस ने लोगों से किसी तरह की अफवाह से बचने की अपील की है.
DGP पहुंचे मुर्शिदाबाद
पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार शनिवार देर रात हिंसाग्रस्त मुर्शिदाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने राज्य के सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ शमशेरगंज थाने में मीटिंग की और जरूरी निर्देश दिए. इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर इलाके में देर रात को रूट मार्च किया. डीजीपी ने हिंसा के पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली है.
डीजीपी पश्चिम बंगाल के साथ बैठक के बाद बीएसएफ के साउथ बंगाल फ्रंटियर में आईजी करणी सिंह शेखावत ने कहा, 'हमें इस स्थिति में उनके साथ मिलकर काम करना है. इसी पर चर्चा हुई. हमने पुलिस की मदद के लिए अपनी 5 कंपनियां भेजी हैं. हम यहां पुलिस की मदद करने के लिए हैं, स्वतंत्र कार्रवाई के लिए नहीं. हम राज्य पुलिस की मांग के अनुसार काम करेंगे. हमें उम्मीद है कि यहां जल्द ही शांति बहाल हो जाएगी. अगर पुलिस को और कंपनियों की जरूरत होगी तो हम उन्हें मुहैया कराएंगे. बीएसएफ हर स्थिति के लिए तैयार है.'
वहीं, मुर्शिदाबाद में स्थानीय रूप से मौजूद करीब 300 बीएसएफ कर्मियों के अलावा पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर राज्य में 5 और कंपनियों को तैनात किया गया है.

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