
खटने के बारह बरस, हमजा का मिशन और देश के लिए बताशे... 'धुरंधर 2' की कहानी का ब्लूप्रिंट है 'आरी आरी' गाना
AajTak
‘धुरंधर 2’ के ट्रेलर में सुनाई दिया ‘आरी आरी’ गाना सिर्फ फिल्म में माहौल बनाने के लिए नहीं है. इसमें सुनाई दे रहीं पंजाबी लोकगीत ‘बारी बरसी’ की लाइनें फिल्म की कहानी की तरफ इशारा कर रही हैं. ये जानने के बाद आप डायरेक्टर आदित्य धर की डिटेलिंग के फैन हो जाएंगे.
‘बारी बरसी खटन गया सी, खट के ले आंदा…’ पंजाबी से थोड़ा भी वास्ता रखने वाले जानते हैं कि इस लाइन से शुरू होने वाले गाने बड़े मजेदार होते हैं. डांस-वांस करने के लिए परफेक्ट. तो फिर ये लाइन ‘धुरंधर 2’ जैसी महा-सीरियस, अति-हिंसक फिल्म के ट्रेलर में क्या कर रही थी?
म्यूजिक कंपोजर शाश्वत सचदेव ने ‘धुरंधर’ में ‘रम्बा हो’ या ‘ना तो कारवां की तलाश है’ जैसे ओल्ड-इज-गोल्ड गाने यूज किए थे. तो कई लोगों को लगा कि ऐसे ही ‘धुरंधर 2’ में शाश्वत ने बॉम्बे रॉकर्स बैंड का इंडी-पॉप गाना ‘आरी आरी’ यूज किया है. माहौल बनाने के लिए. लेकिन पिछले चार महीने से भी अगर आप नहीं समझे हैं तो कम से कम 19 मार्च को ‘धुरंधर 2’ आने से पहले समझ लीजिए— आदित्य धर की पिक्चर में कोई भी डिटेल ऐंवेई नहीं है, हर बात का कोई मतलब, कोई कनेक्शन है. ‘आरी आरी’ गाना यूज करने का भी. और उनकी डिटेलिंग दिमाग के तोते उड़ा सकती है!
कभी महबूबा तो कभी देश के लिए खटने वाले दीवाने ‘खटने’ का अर्थ वैसे तो कमाना होता है. लेकिन इसके भाव में कमाई के लिए लगने वाला परिश्रम ज्यादा हाईलाइट होता है. जैसे यूपी-बिहार में दिहाड़ीदार मजदूर वर्ग अक्सर कमाने को खटना कहता मिलेगा. ये शब्द पंजाबी में भी ऐसे ही इस्तेमाल होता है. ‘धुरंधर’ में ही दिलजीत दोसांझ के गाए एक गाने के बोल हैं— ‘तेरे नी करारां मैनु पट्टेया, दस मैं कि प्यार विच्चों खट्टेया!’ अर्थात— ‘तेरे वादों ने मुझे तबाह कर दिया. बता प्यार करके मैंने क्या ही कमा लिया!’
‘धुरंधर 2’ के ट्रेलर में जो गाना चल रहा था वो हाल ही में रिलीज हो गया. ‘आरी आरी’ टाइटल वाले इस गाने में ही लाइन है— ‘बारी बरसी खटन गया सी, खट के ले आंदा बताशा. मितरां नूं मार गया, मार गया नी तेरा हासा!’ ये लाइन घर छोड़कर परदेस कमाने गए आदमी के नजरिए से लिखी गई है, जो कह रहा है— ‘बारह बरस खटने के बाद बताशा (मिठाई) लेकर लौटा तो उसके चेहरे पर हंसी देखकर दिल को सुकून ही आ गया’. शादियों में गाई जाने वाली पंजाबी बोलियों में भी ये लाइन इसीलिए गाई जाती है कि पत्नी के सुख के लिए पति का परदेस में ‘खटने’ का भाव हाईलाइट होता है.
हंसी से रोशन वो चेहरा किसका है ये हर परदेसी का पर्सनल मैटर है. पर ये लाइन पंजाबी लोकगीतों में इतनी पुरानी है कि इसकी शुरुआत खोज पाना भी मुश्किल है. कई बार इसका कनेक्शन हीर-रांझा की एपिक लव स्टोरी से भी जोड़ा जाता है. क्योंकि इस कहानी के एक वर्जन में रांझा अपनी मोहब्बत के चक्कर में बारह साल हीर के घर पर चरवाहा बनकर रहा था. फिर भी उसका प्रेम अधूरा रह गया.
‘धुरंधर’ के गानों में लिरिक्स पर थोड़ा कायदे से फोकस करने पर आप पाएंगे कि यहां वतन वो महबूबा है जिसका दीवाना यानी देश का सिपाही सारे दुख और घर से दूरी सह रहा है. अब इस चश्मे से ‘धुरंधर’ की कहानी और ‘धुरंधर 2’ के ट्रेलर में सुनाई दे रहे ‘बारी बरसी…’ को देखिए.













