
ऑस्कर में चमका ईरानी सिनेमा, लेकिन डायरेक्टर पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, अमेरिका देगा सम्मान?
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इस रविवार होने वाले ऑस्कर अवॉर्ड्स में ईरान की दो फिल्में- डॉक्यूमेंट्री 'कटिंग थ्रू रॉक्स' और फीचर फिल्म 'इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट' —दुनिया के सबसे बड़े मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगी.
सिनेमा के सबसे बड़े अवॉर्ड्स में से एक ऑस्कर अवॉर्ड के 98वीं ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी आज यानी रविवार 16 मार्च को लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में होगी. इस साल का एकेडमी अवॉर्ड्स न केवल मनोरंजन का जश्न है, बल्कि हॉलीवुड के लिए एक बड़ा इम्तिहान भी है. युद्ध में फंसे ईरान की दो डॉक्यूमेंट्री फिल्म- 'कटिंग थ्रू रॉक्स' और फीचर फिल्म 'इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट' भी नॉमिनेशन में हैं.
एक तरफ जहां ईरान की दो फिल्में उस ग्लोबल मंच पर खड़ी हैं, जहां एक तरफ ऑस्कर की सुनहरी ट्रॉफी है और दूसरी तरफ उनके देश की रूह को झकझोर देने वाली राजनीतिक उथल-पुथल. एक तरफ जहां हॉलीवुड अक्सर दुनिया की कड़वी हकीकत से दूर अपनी जादुई दुनिया में खोया रहता है, वहीं ये ईरानी कलाकार अपने सीने में युद्ध और विरोध की आग लेकर उस मंच पर कदम रखेंगे.
ईरान की दो फिल्मों को नॉमिनेशन ईरानी सिनेमा के लिए यह साल कई मायनों में ऐतिहासिक है. डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'कटिंग थ्रू रॉक्स' ने ऑस्कर की 'बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर' कैटेगरी में जगह बनाकर नया रिकॉर्ड बनाया है. यह पहली ईरानी डॉक्यूमेंट्री है, जिसे यह सम्मान मिला है. इस फिल्म को मोहम्मदरेजा ऐनी और सारा खाकी की पति-पत्नी की जोड़ी ने निर्देशित किया है. लेकिन इस बड़ी उपलब्धि के बावजूद, वे खुलकर इसका जश्न नहीं मना पा रहे हैं. उनका मानना है कि जब वतन के हालात इतने नाजुक हों, तो निजी सफलता भी अधूरी सी लगती है.
क्या है 'कटिंग थ्रू रॉक्स' की कहानी? 'कटिंग थ्रू रॉक्स' की कहानी सारा शाहवर्दी नाम की एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पेशे से दाई (Midwife) है और ग्रामीण इलाकों में मोटरसाइकिल चलाती है. शाहवर्दी ने समाज की बेड़ियों को तोड़कर चुनाव लड़ने का फैसला किया, जिससे वह अपने गांव में सरकारी पद के लिए खड़े होने वाली पहली महिला बनीं. उनकी यह जंग सिर्फ एक पद के लिए नहीं, बल्कि लड़कियों और महिलाओं के हक के लिए है. यह फिल्म ईरान के अंदर हो रहे पीढ़ीगत बदलावों की एक झलक दिखाती है.
ईरान में युद्ध शुरू होने से पहले CNN से बात करते हुए खाकी ने कहा था, 'शाहवर्दी के लिए यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उम्मीद की ये छोटी-छोटी किरणें मुझे इस बात को लेकर आशावान बनाए रखती हैं कि भविष्य क्या ला सकता है.'
जफर पनाही के लिए बेहद बड़ा दिन ईरान के फेमस और क्रांतिकारी फिल्ममेकर जफर पनाही की फिल्म 'इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट' ने ऑस्कर में बेस्ट इंटरनेशनल फिल्म की रेस में अपनी जगह बनाई है. फिल्म लोगों के एक ऐसे समूह पर आधारित है, जो तेहरान की जेल में उन्हें प्रताड़ित करने का शक रखने वाले एक व्यक्ति का सामना करते हैं.













