
क्रांतिकारियों के नाम पर बने WhatsApp ग्रुप में रची संसद में हंगामे की साजिश, सिग्नल ऐप पर करते थे बातें
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Parliament Security Breach Case: संसद में हंगामे के आरोपी ललित झा, महेश कुमावत, सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे और नीलम आजाद के सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला है कि वे क्रांतिकारियों से बहुत प्रेरित थे. इसलिए उन्होंने संसद में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त जैसा काम दोहराने का फैसला किया.
संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए छह लोग शहीद भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के नाम पर बने आधा दर्जन से ज्यादा व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल थे. आरोपी इन ग्रुप्स में नियमित रूप से स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों साझा करते और उन पर आपस में चर्चा करते थे. इससे जुड़े वीडियो भी यहां शेयर किया करते थे. इतना ही नहीं सूत्रों से ये भी पता चला कि संसद में हंगामा करने से पहले इन्होंने एक अलग ग्रुप बनाया था, जिसमें आरोपियों ने पूरी साजिश रची थी. इस ग्रुप में 7-8 लोग जुड़े थे. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस ग्रुप में जुड़े सभी नंबरों के संपर्क में है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सभी आरोपियों ललित झा, महेश कुमावत, सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे और नीलम आजाद के सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला है कि वे क्रांतिकारियों से बहुत प्रेरित थे. इसलिए उन्होंने संसद में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त जैसा काम दोहराने का फैसला किया. इसी बीच पुलिस को मेटा से इन व्हाट्सएप ग्रुपों के सभी सदस्यों के साथ उनकी चैट का विवरण भी मिला है. आरोपी सुरक्षा उल्लंघन की योजना बनाने के लिए सिग्नल ऐप पर भी बात करते थे. इसके लिए पिछले साल कर्नाटक के मैसूर में मिले थे. आरोपी मनोरंजन डी ने बाकी पांचों की यात्रा खर्च वहन किया था.
पुलिस उन आरोपियों के डुप्लिकेट सिम कार्ड प्राप्त करने की कोशिश कर रही है, जिनके मोबाइल फोन राजस्थान के नागौर जिले में ललित झा और महेश कुमावत द्वारा जला दिए गए थे. इसके साथ ही दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर यूनिट की अलग-अलग टीमें कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं. आरोपियों के घरों में जाकर उनके परिजनों से पूछताछ कर रही है. इसी कड़ी में बीते दिन पुलिस की एक टीम आरोपी सागर शर्मा के लखनऊ स्थित घर पर पहुंची. वहां उसके माता-पिता और बहन से लंबी पूछताछ की गई. इस दौरान आरोपी की मां ने कई सनसनीखेज खुलासे किए, जिसे सुन पुलिस भी हैरान रह गई.
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सागर की मां रानी शर्मा ने बताया कि वो अपने अंगूठे को काटकर खून से शहीद भगत सिंह को टीका लगता था. उसके बाद उसी खून से खुद को टीका लगता था. परिजनों ने उसे कई बार रोकने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माना. इसे लेकर परिवार में कई बार उसने झगड़ा भी किया था. पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए सागर की उसके परिजनों से बात कराई थी. इस बातचीत के दौरान वो बार-बार कह रहा था कि वो लोग परेशान मत हो सब ठीक है. उसकी मां ने बताया कि उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि उसे किसी बात का अफसोस नहीं है. जैसे वो कह रहा हो कि उसने जो किया वो ठीक किया है.

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