
क्या रसूखदारों को लड़कियां सप्लाई करता था एपस्टीन? FBI ने किया नया खुलासा
AajTak
जेफरी एपस्टीन मामले में FBI की जांच में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के पर्याप्त सबूत मिले हैं, लेकिन प्रभावशाली लोगों के लिए संगठित सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट चलाने के ठोस प्रमाण नहीं मिले. दस्तावेजों के मुताबिक वित्तीय रिकॉर्ड, वीडियो और गवाहियों में भी ऐसा नेटवर्क साबित नहीं हो सका.
क्या कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन प्रभावशाली लोगों के लिए लड़कियां सप्लाई करता था? यह सवाल लंबे समय से उठता रहा है. अब FBI और अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों की समीक्षा के बाद सामने आई जानकारी इस बहस को नया मोड़ देती है. जांच एजेंसियों ने एपस्टीन के बैंक रिकॉर्ड खंगाले, ईमेल देखे, उसके घरों की तलाशी ली और पीड़ितों से सालों तक पूछताछ की. इन सबके बावजूद उन्हें ऐसा ठोस सबूत नहीं मिला जिससे साबित हो सके कि वह शक्तिशाली लोगों के लिए कोई संगठित सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क चला रहा था.
जांच में यह जरूर सामने आया कि एपस्टीन नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करता था. न्यूयॉर्क, फ्लोरिडा और वर्जिन आइलैंड्स स्थित घरों से जब्त वीडियो और तस्वीरों में किसी और व्यक्ति की संलिप्तता या पीड़ितों के साथ दुर्व्यवहार के सबूत नहीं मिले. अभियोजकों के एक मेमो में यह भी कहा गया कि उसके वित्तीय लेनदेन में अकादमिक, वित्तीय या कूटनीतिक जगत से जुड़े लोगों को किए गए भुगतान का कोई आपराधिक संबंध नहीं पाया गया.
यह भी पढ़ें: अमेरिका-ब्रिटेन से फ्रांस-नॉर्वे तक... एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद दुनिया में ताबड़तोड़ इस्तीफे
एक पीड़िता ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि एपस्टीन उसे अपने अमीर दोस्तों को "उधार" देता था, लेकिन जांच एजेंसियां इस दावे की पुष्टि नहीं कर सकीं और अन्य पीड़ितों ने भी ऐसा आरोप नहीं लगाया. कुछ आरोपों में अन्य लोगों के शामिल होने की बात जरूर सामने आई, लेकिन सबूतों की कमी के कारण संघीय स्तर पर मामला दर्ज नहीं हो सका और इन्हें स्थानीय एजेंसियों को भेज दिया गया.
2019 में गिरफ्तारी, एक महीने जेल में सुसाइड का दावा
यह जांच 2005 में शुरू हुई थी, जब 14 साल की एक लड़की के परिवार ने फ्लोरिडा में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने कम से कम 35 लड़कियों की पहचान की, जिन्होंने बताया कि एपस्टीन उन्हें यौन प्रकृति की मालिश के लिए पैसे देता था. बाद में 2019 में उसकी गिरफ्तारी हुई, लेकिन एक महीने बाद उसने जेल में कथित रूप से आत्महत्या कर ली. उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल को 2021 में दोषी ठहराया गया और वह 20 साल की सजा काट रही है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.











