
क्या पॉलिटिक्स में हाइट मैटर करती है? ऊंचे आसन और हार-जीत के बीच निर्णायक एक-एक इंच
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क्या किसी नेता का कद सिर्फ उसका शारीरिक माप है या सत्ता और नेतृत्व की छवि गढ़ने वाला राजनीतिक औजार? सदियों पुरानी बहस आज भी जिंदा है. अमेरिका से यूरोप तक रिसर्च बताती हैं कि हाइट वोटिंग बिहेवियर और लीडरशिप इमेज को अनजाने में प्रभावित करती है.
क्या पॉलिटिक्स में या शासन में हाइट कोई मायने रखती है? इस सवाल पर बहस आज से नहीं सदियों से जारी है. महान दार्शनिक चाणक्य के लिए एक शासक की बुद्धि का कद यानी इंटेलेक्चुअल स्टैचर उसके शारीरिक कद से कहीं अधिक मायने रखता था. भारत में तो इस विषय पर शोध नहीं के बराबर हुए हैं लेकिन वेस्टर्न वर्ल्ड में पॉलिटिक्स के लिए ये एक निर्णायक फैक्टर रहा है. इसपर काफी शोध हुए हैं और परिणाम भी बहुत रोचक मिलते रहे हैं.
लिटिल मार्को, मिनी माइक...
ये किसी के फेवरेट निक नेम नहीं, विरोधियों के खिलाफ चुनावी लड़ाई में ट्रंप के इस्तेमाल किए गए शाब्दिक हथियार थे, जो विरोधी नेताओं की हाइट को टारगेट कर दागे गए थे. ट्रंप, जिनकी खुद की ऊंचाई 6 फुट 3 इंच है, अमेरिकी राजनीति के उस अलिखित नियम को जानते हैं कि अधिकतर लंबा उम्मीदवार ही जीतता है. इसलिए उन्होंने जानबूझकर अपने विरोधियों को शारीरिक रूप से छोटा दर्शाने के लिए इन निक नेम्स का इस्तेमाल किया, ताकि मतदाताओं के अवचेतन मन में यह बात बैठ जाए कि वे नेतृत्व के लिए कम योग्य हैं.
यह आधुनिक राजनीति में शारीरिक फीचर्स, विशेष रूप से कद, को जानबूझकर राजनीतिक हथियार बनाने का एक स्पष्ट उदाहरण है. ऐसा ही एक उदाहरण 19वीं सदी के शुरुआत में यूरोप में मिलता है. युद्ध में लगातार विजय पताका फहरा रहे लेकिन औसत कद के नेपोलियन बोनापार्ट को उनके सैनिक सम्मान से 'लिटिल कॉर्पोरल' कहते थे, लेकिन इसी शब्द को ब्रिटिश कार्टूनिस्टों ने लगातार विरोध में प्रचार के लिए इस्तेमाल किया और नेपोलियन का चित्रण एक छोटे और गुस्सैले व्यक्ति के रूप में किया. यह प्रोपेगेंडा वॉर का हिस्सा था. जिसका मकसद नेपोलियन को यूरोप में एक शक्तिशाली नेता के बजाय एक तुच्छ तानाशाह के रूप में दिखाना था. इसी तरह हिटलर के विरोधियों ने भी 'लिटिल मैन' की अवधारणा का खूब प्रचार-प्रसार किया, ताकि एक कमजोर, अस्थिर और महत्वहीन शासक के रूप में दिखाया जा सके.
यहां सवाल उठता है कि क्या आधुनिक लोकतंत्र में, जहां इमेज ही सब कुछ है, वोटर आज भी केवल आंतरिक गुणों पर ध्यान देता है? या अनजाने में हाइट जैसे शारीरिक गुण भी चुनावी परिणाम को प्रभावित करते हैं? पश्चिमी देशों में इसपर काफी शोध हुए हैं. वहां मनोवैज्ञानिकों और समाजशास्त्रियों ने इस विषय पर दशकों तक गहन अध्ययन किया है. संयुक्त राज्य अमेरिका, नीदरलैंड और यूके जैसे देशों में किए गए शोध बताते हैं कि लंबा होना एक सांख्यिकीय फायदा है.

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