
क्या अमेरिका को उल्टा पड़ गया ईरान पर हमले का दांव?
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अमेरिका और इजरायल ने सोचा था कि अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान की जनता इस्लामिक सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अली खामेनेई की मौत के बाद भी ईरान में वर्तमान इस्लामिक सरकार टिकाऊ है और लोगों ने इसे नहीं बदला. यूएस इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि इस्लामिक शासन के गिरने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं और धार्मिक नेतृत्व एकजुट बना हुआ है. इस रिपोर्ट ने अमेरिका और इजरायल के उस अनुमान को गलत साबित किया है जिसमें माना गया था कि झंडा परिवर्तन की बड़ी संभावना है. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.

ईरान ने पहली बार अपनी घातक मिसाइल सेजिल का इस्तेमाल कर इजरायल पर हमला किया है. इस हमले से ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ 54वां चरण शुरु कर दिया है. IRGC के ऐरोस्पेस प्रमुख ने बताया कि सेजिल मिसाइल से कमांड और कंट्रोल केंद्रों पर मला किया. इस मिसाइल में ईरान के अंदर से इजरायल को निशाना बनाने की पूरी क्षमता है.

सोशल मीडिया पर चल रही मौत की खबरों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वह एक शॉप में कॉफी पीते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में नेतन्याहू मजाकिया अंदाज में कहते हैं कि लोग कह रहे हैं कि मर गया है...क्या आप भी यही पूछ रहे हैं? इसके बाद उन्होंने कैमरे के सामने अपने दोनों हाथों को दिखाते हुए कहा, 'लोग मेरी उंगलियां भी गिन सकते हैं.










