
कौन होगा उत्तराखंड का नया मुख्यमंत्री? देर रात बैठक में फैसला लेंगे PM मोदी और अमित शाह
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Uttrakhand Latest News: उत्तराखंड का नया मुख्यमंत्री कौन होगा इसे लेकर मंथन जारी है. जानकारी के लिए बता दें कि पुष्कर सिंह धामी के खटीमा से चुनाव हार जाने की वजह से मुख्यमंत्री के चेहरे पर पेच फंसा हुआ है.
उत्तराखंड का नया मुखिया कौन होगा, रविवार को दिन-भर इसे लेकर अटकलों का दौर चलता रहा. बीजेपी आलाकमान राज्य की कमान किसे सौंपने जा रहा है इसका खुलासा सोमवार शाम 4.30 बजे ही होगा. बीजेपी विधायक दल की बैठक सोमवार को शाम 4 बजे बुलाई गई है. इसमें सभी सांसदों को भी मौजूद रहने को कहा गया है. इसलिए अब साफ हो गया है कि चुनकर आए विधायकों के अलावा सांसदों में से भी किसी को मुख्यमंत्री चुना जा सकता है.
उत्तराखंड के लिए पर्यवेक्षक बनाए गए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सह-पर्यवेक्षक विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी सोमवार को 1.30 बजे विशेष विमान से देहरादून पहुंचेंगे. इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, पार्टी अध्यक्ष मदन कौशिक के साथ बातचीत की.
देर रात को बैठक करेंगे पीएम मोदी हरिद्वार से सांसद रमेश पोखरियाल निशंक से भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई. अब देर रात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय महासचिव संगठन बीएल संतोष की बैठक होगी. इसी में नए सीएम का नाम तय किया जाएगा. इसके बाद सोमवार सुबह 11 बजे सभी नए विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी. प्रोटेम स्पीकर बंशीधर भगत सभी विधायकों को शपथ दिलाएंगे. इसके बाद शाम 4 बजे उत्तराखंड के लिए पर्यवेक्षक बनाए गए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सह-पर्यवेक्षक विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक होगी.
सांसदों में किसी को बनाया जा सकता है राज्य का मुख्यमंत्री इस बैठक में राज्य के पांच लोकसभा और दो राज्यसभा सांसद भी मौजूद रहेंगे. इससे यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि मौजूदा सांसदों में से भी किसी को राज्य की कमान दी जा सकती है. शाम 4.30 बजे सीएम का चेहरा घोषित कर दिया जाएगा.
अगर चुनकर आए विधायकों में से बात करें तो डा. धन सिंह रावत सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं. वहीं सांसदों में से अनिल बलूनी और अजय भट्ट का नाम लगातार लिया जा रहा है. नई कैबिनेट को लेकर भी माना जा रहा है कि पार्टी सभी समीकरणों को देखते हुए नाम तय करेगी. पूर्व मंत्रियों में से कुछ को इस बार कैबिनेट से बाहर किया जा सकता है. माना जा रहा है कि गुजरात की तर्ज पर युवा चेहरों को कैबिनेट में जगह दी जाएगी.

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