
कौन है मजदूर से लॉटरी किंग बना Santiago Martin? जिसकी कंपनी फ्यूचर गेमिंग ने राजनीतिक दलों के लिए खरीदे सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बॉन्ड
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चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर एसबीआई के डेटा को अपलोड कर दिया है. 'लॉटरी किंग' सैंटियागो मार्टिन की कंपनी फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स सर्विसेज ने राजनीतिक दलों के लिए सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे हैं. मार्टिन ने शुरुआत दिनों में म्यांमार में मजदूरी करने परिवार का पालन-पोषण किया. उसके बाद वो भारत आया और लॉटरी व्यवसाय शुरू किया. उसने 1988 में कोयंबटूर में मार्टिन लॉटरी एजेंसीज लिमिटेड की स्थापना की थी.
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट की तय समय-सीमा से एक दिन पहले ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से मिला इलेक्टोरल बॉन्ड (चुनावी चंदा) का डेटा अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है. ये डेटा सार्वजनिक होते ही सबसे ज्यादा चंदा देने वाली कंपनियों के नाम सामने आ गए हैं. किस पार्टी को सबसे ज्यादा और सबसे कम चुनावी चंदा मिला है, यह भी डेटा से खुलासा हुआ है. चुनावी चंदे के आंकड़े 12 अप्रैल 2019 से 11 जनवरी 2024 तक के हैं. लिस्ट से सामने आया है कि लॉटरी किंग मार्टिन सेंटियागो (59 साल) ने सबसे ज्यादा 1368 करोड़ का चंदा दिया है. मार्टिन की कंपनी फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स सर्विसेज ने ये बॉन्ड 21 अक्टूबर 2020 से जनवरी 2024 के बीच खरीदे हैं. आइए जानते हैं कौन हैं मार्टिन सेंटियागो?
मार्टिन की कंपनी के खिलाफ लॉटरी रेगुलेशन एक्ट 1998 के तहत आईपीसी के तहत कई केस दर्ज हैं. फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को 30 दिसंबर 1991 में बनाया गया था. ये कंपनी सिक्किम, नगालैंड और पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में लॉटरी के टिकट बेचती है. फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स सर्विसेज के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने 23 सितंबर 2023 को कोर्ट में चार्जशीट भी दायर की थी.
'मजदूर से लॉटरी किंग बनने का सफर तय किया'
फ्यूचर गेमिंग और होटल्स सर्विसेज के सैंटियागो मार्टिन की कहानी ऐसी है, जिसने म्यांमार के एक मजदूर से 'लॉटरी किंग' बनने तक का सफर तय किया. शुरुआती जीवन में कठिनाइयों और मुश्किल हालात में बीता. फिर समय का चक्र बदला और मार्टिन की प्रतिष्ठा दिनोंदिन बढ़ती चली गई. उन्होंने लॉटरी के जरिए आम लोगों को सपने दिखाए और किस्मत के खेल में बिजनेस को ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया. साउथ में यह फर्म मार्टिन कर्नाटक के तहत चलती है, जबकि उत्तर-पूर्व में इसे मार्टिन सिक्किम लॉटरी के नाम से जाना जाता है.
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'म्यांमार में मजदूरी करते थे मार्टिन'

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