
कौन हैं डोंग जून? चीन ने जिन्हें बनाया अपना रक्षा मंत्री ...चार महीने से गायब हैं पुराने डिफेंस मिनिस्टर
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डोंग जून को अगस्त 2021 में नौसेना का कमांडर नियुक्त किया गया था. बाद में हू झोंगमिंग ने उनकी जगह ली थी. एक नौसैनिक के रूप में डोंग की विशेषज्ञता चीन के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण, क्योंकि बीजिंग ने समुद्र में क्षेत्रीय दावों पर बल दिया है.
चीन ने शुक्रवार को पूर्व नौसेना प्रमुख डोंग जून को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया. पिछले डिफेंस मिनिस्टर ली शांगफू को राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बर्खास्त कर दिया था, उसके बाद वह रहस्यमय तरीके से गायब हो गए थे. चार महीने बाद भी उनकी कोई खोज-खबर नहीं मिली है. डोंग की नियुक्ति अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के चीन के प्रयासों और विशेष रूप से ताइवान के साथ बढ़े हुए सैन्य तनाव के परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
यह कदम चीन को एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने की राष्ट्रपति शी जिनपिंग की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में सामने आया है. रक्षा मंत्री के रूप में, डोंग जून मीडिया और अन्य सशस्त्र बलों के साथ जुड़कर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सार्वजनिक चेहरे के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. वह पहले दक्षिणी सैन्य कमान के डिप्टी कमांडर थे. यह कमांड दक्षिण चीन सागर को संभालती है, जहां चीन का ताइवान सहित अन्य देशों के साथ क्षेत्रीय विवाद चल रहा है.
चीन की विस्तारवादी नीति के उपयुक्त डोंग की नियुक्ति
डोंग जून को अगस्त 2021 में नौसेना का कमांडर नियुक्त किया गया था. बाद में हू झोंगमिंग ने उनकी जगह ली थी. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, 62 वर्षीय डोंग का रक्षा मंत्री पद पर प्रमोशन आश्चर्यचकित करता है. पीएलए के नौसेना प्रमुख बनने से पहले, डोंग को 2021 में फुल जनरल के पद पर नियुक्त किया गया था. एक नौसैनिक के रूप में डोंग की विशेषज्ञता चीन के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण, क्योंकि बीजिंग ने समुद्र में क्षेत्रीय दावों पर बल दिया है.
चीन ने अपनी समुद्री सीमा में युद्धपोतों, तट रक्षक बलों और फिशिंग बोट्स की फ्लीट उतारी है, जो अक्सर दक्षिण चीन सागर में समुद्री मिलिशिया के रूप में कार्य करते हैं. चीन की नौसेना ने न केवल भूमध्य सागर और दक्षिण अफ्रीकी सागर जैसे क्षेत्रों में अपने अभियानों का विस्तार किया है, बल्कि तीन विमान वाहक पोतों, कई विध्वंसक जहाजों, परमाणु-संचालित पनडुब्बियों और अन्य अत्याधुनिक वॉरशिप को अपने बेड़े में शामिल करके अपनी क्षमताओं को भी बढ़ाया है.
चीन के पूर्व रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री हो चुके हैं गायब

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