
कोरोना: जिन जिलों में 10% से अधिक है पॉजिटिविटी रेट, वहां लगाएं कड़े प्रतिबंध, केंद्र का निर्देश
AajTak
कोरोना की दूसरी लहर में देशभर में तबाही मचने के बाद केंद्र सरकार काफी सतर्क है. सरकार लगातार राज्यों को कड़े निर्देश दे रही है, ताकि संभावित तीसरी लहर को रोका जा सके. केंद्र सरकार ने शनिवार को राज्यों के साथ मिलकर समीक्षा बैठक की.
कोरोना की दूसरी लहर में देशभर में तबाही मचने के बाद केंद्र सरकार काफी सतर्क है. सरकार लगातार राज्यों को कड़े निर्देश दे रही है, ताकि संभावित तीसरी लहर को रोका जा सके. केंद्र सरकार ने शनिवार को राज्यों के साथ मिलकर समीक्षा बैठक की. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से उन सभी जिलों में सख्त प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है, जहां वर्तमान में कोरोना की पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से अधिक है. केंद्र सरकार ने कहा है कि राज्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इन जिलों में लोगों की भीड़ को रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं.
पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.











