
केरलः 'मुझ पर हमले के बाद CM विजयन ने दिए थे FIR दर्ज न करने के आदेश', राज्यपाल आरिफ मोहम्मद का बड़ा आरोप
AajTak
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और विजयन सरकार के बीच तनातनी का दौर जारी है. इसी बीच राज्यपाल ने आरोप लगाया है कि 2019 में कन्नूर विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान उन पर हमला हुआ था. उन्हें डराने के लिए साजिश रची गई थी. इतना ही नहीं गवर्नर ने कहा कि सीएम विजयन ने पुलिस से कहा था कि इस घटना के संबंध में मामला दर्ज न करें.
केरल की वामपंथी सरकार और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के बीच इन दिनों सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा है. तनाव के बीच गवर्नर ऑफिस की ओर से कहा गया है कि राज्यपाल आज सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर राजभवन में पत्रकारों से मुलाकात करेंगे. बताया जा रहा है कि इस दौरान राज्यपाल कुछ डॉक्यूमेंट्स और वीडियो क्लीपिंग जारी कर सकते हैं.
इससे पहले राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि वह मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन द्वारा उन्हें लिखे गए पत्रों को जारी करेंगे. जिसमें आश्वासन दिया गया था कि राज्य में विश्वविद्यालयों के मामलों में सरकार की ओर से कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अब वे हस्तक्षेप के बजाय विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहे हैं.
समचार एजेंसी PTI के मुताबिक राज्यपाल ने कहा कि वह कुछ वीडियो क्लिप भी जारी करेंगे. जो संभवत: दिसंबर 2019 में कन्नूर विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम की हैं. राज्यपाल ने आरोप लगाया कि वहां उन पर हमला हुआ था. गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने दावा करते हुए कहा कि यह उन्हें डराने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा था, ताकि वह सार्वजनिक तौर पर कुछ न बोलें. गवर्नर ने कहा कि सीएम विजयन ने पुलिस से कहा था कि इस घटना के संबंध में मामला दर्ज न करें.
आरिफ मोहम्मद बोले- वे मारना नहीं, डराना चाहते थे
राज्यपाल ने कहा कि कन्नूर विश्वविद्यालय के वीसी का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया था कि मैं मंच पर मौजूद रहूं, तभी हमला किया जाए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने इसकी रिपोर्ट न करने के लिए विशेष निर्देश दिए थे. साथ ही कहा था कि पुलिस इस मामले में संज्ञान नहीं ले, जबकि यह आईपीसी के तहत एक बड़ा अपराध था. उन्होंने कहा कि स्वाभाविक रूप से हमला करने वाले मुझे मारना नहीं चाहते थे. वे जानते थे कि इसके परिणाम क्या होंगे. वे केवल मुझे डराना चाहते थे.
संघ प्रमुख से भी मिले थे राज्यपाल

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण भारत के 6 से ज्यादा जहाज अभी भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि इन जहाजों में ज्यादातर एलपीजी टैंकर और एलएनजी जहाज हैं. जिससे देश में एलपीजी की किल्लत हो सकती है. हालांकि, सरकार ने घरेलू उत्पादन में 40% वृद्धि की है और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है.

न्यूजरूम में बात होगी तेल-गैस युद्ध बने ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध की. बताएंगे कि कैसे भड़का तेल-गैस युद्ध. इजरायल के हमले का जवाब ईरान ने कैसे दिया. ये भी बात होगी कि क्या ट्रंप का ऑपरेशन एपिक फ्यूरी फेल हो गया? क्या ईरान को निहत्था करने के लिए शुरू हुई जंग अब तेल-गैस युद्ध के साथ तीसरा विश्व युद्ध की तरफ बढ़ चला है.

देश के 3 शहरों से ऐसी खबरें आईं जिसने दिल दहला दिया. आग लगने के कारण दिल्ली, चंडीगढ़ और इंदौर में भयानक हादसे हुए. भीषण आग की चपेट में पूरा का पूरा परिवार आ गया. दिल्ली में 9 लोगों की मौत हुई तो इंदौर में भी 8 लोगों को जान गंवानी पड़ी. चंडीगढ़ में लगी आग भयावह जरूर है, लेकिन गनीमत रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.

अमेरिका-इजरायल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत अब भी जारी है. गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं. गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है. होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने से बिजनेस ठप होने लगे हैं. कई जगह ताले भी लटकने लगे हैं. त्योहारी सीजन में घरों में भी इसका असर दिख रहा है.









