
किसान आंदोलन: कंगना के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहीं दादी बोलीं- पांच साल से कोर्ट के धक्के खा रही
AajTak
पंजाब के बठिंडा ज़िले की दादी मोहिंदर कौर एक साधारण किसान परिवार से हैं, लेकिन पांच साल से मानहानि का केस लड़ रही हैं. किसान आंदोलन के दौरान कंगना रनौत ने उनकी तस्वीर को गलत संदर्भ में ट्वीट किया था, जिसके बाद दादी ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया. कंगना कई बार सुनवाई में नहीं पहुंचीं और अब कोर्ट ने अगली तारीख पर पेश होना अनिवार्य किया है. गरीबी, बीमारी और घरेलू संघर्षों के बीच भी दादी हिम्मत, सम्मान और आत्म-सम्मान से लड़ी जा रही हैं - वे कहती हैं,
पंजाब के बठिंडा ज़िले में राइके खुर्द नाम का एक छोटा-सा गांव है. यहां एक साधारण-सा घर है—आधा जर्जर, आधा कच्चा और सिर्फ एक कमरा पक्का. आंगन के एक हिस्से में थोड़ी-सी सब्जियां उगी हैं, दूसरे कोने में पशुओं का चारा रखा है. घर में दो खाटें हैं - एक पर उम्रदराज दादी बैठी हैं, दूसरी पर करीब 35-40 साल का उनका बेटा लेटा हुआ है. पास की कुर्सी पर दादी के पति बैठे हैं. यही तीन लोग इस घर के सदस्य हैं. बहू की दो साल पहले बीमारी से मौत हो गई और बेटे को ऐसी बीमारी है कि पिछले तीन महीनों से वह उठकर चल भी नहीं पा रहा. थोड़ा दूर एक छोटा खेत है, जिसमें धान और गेहूं बोकर परिवार का गुजारा चलता है.
शाम करीब चार बजे किसान तक की टीम इस घर पहुंची. यह वही घर है, जहां किसान आंदोलन के दौरान चर्चा में आईं दादी मोहिंदर कौर रहती हैं. अब दादी ठीक से चल भी नहीं पातीं और खड़े रहने में भी दिक्कत होती है, फिर भी घर का सारा काम वे खुद संभालती हैं. उनकी साधारण रसोई में आटा गूंधा रखा है, सब्जी बनी हुई है, और वे आगंतुकों को चाय बनाकर पिलाना चाहती थीं. बहुत समझाने के बाद उन्होंने मान लिया कि चाय ना बनाई जाए, बस बातचीत हो जाए - अपनी ज़िंदगी के बारे में, और कंगना रनौत पर किए केस को लेकर.
24 नवंबर की सुनवाई पर कंगना नहीं आईं
मुलाकात से पहले मन में कई सवाल थे, लेकिन दादी बेहद जिंदादिल और हिम्मत से भरी निकलीं. मुलाकात 22 नवंबर को हुई, जबकि 24 नवंबर को बठिंडा कोर्ट में उनकी मानहानि याचिका पर सुनवाई तय थी. इस सुनवाई में सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत को मौजूद रहना था, लेकिन वे पेश नहीं हुईं. उनकी ओर से वकील ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर हाज़िरी से छूट की मांग की. अदालत ने उनकी गैरमौजूदगी में भी कार्रवाही जारी रखी और कंगना पर आरोप तय कर दिए. अब कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि अगली तारीख 4 दिसंबर को कंगना को अनिवार्य रूप से पेश होना होगा.
दिलचस्प बात यह है कि दादी कंगना को पहचानती भी नहीं. उनसे पूछने पर उन्होंने कहा—“कभी देखा नहीं उसे, पर उसने किसानों के लिए गलत बोला.” साल 2020 के किसान आंदोलन के दौरान कंगना रनौत ने एक तस्वीर ट्वीट की थी, जिसमें दादी मोहिंदर कौर थीं. उन्होंने लिखा था, "ये दादी 100-100 रुपये में आंदोलन में बैठने के लिए उपलब्ध हैं." यह बात दादी को बेहद बुरी लगी और उन्होंने बिना झिझक कंगना के खिलाफ मानहानि का केस कर दिया. यह मुकदमा अब लगभग 5 साल से चल रहा है.
5 साल से लड़ाई, पर कभी आमने-सामने नहीं

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







