
किम जोंग के आदेश के बाद उत्तर कोरिया के परमाणु साइट पर देखी गई हलचल, US रिपोर्ट में दावा
AajTak
उत्तर कोरिया के परमाणु साइट पर शनिवार को गतिविधि देखी गई है. अमेरिकी रिपोर्ट में दावा है कि किम जोंग उन के आदेश के बाद 3 और 17 मार्च को मैन साइट योंगब्योन पर हलचल हुई थी और जल्द ही नॉर्थ कोरिया परमाणु परीक्षण कर सकता है.
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन वे हाल ही में परमाणु हथियारों को बढ़ाने के लिए आदेश दिए थे. अमेरिकी थिंक टैंक ने शनिवार को बताया कि उत्तर कोरिया के मुख्य परमाणु स्थल की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें उच्च स्तर की गतिविधि देखी जा सकती है.
वाशिंगटन स्थित 38 नॉर्थ नॉर्थ कोरिया मॉनिटरिंग प्रोजेक्ट ने बताया कि 3 और 17 मार्च की तस्वीरों में देखा जा सकता है कि न्यूक्लियर साइट पर गतिविधि देखी गई थी. यह संकेत देता है कि योंगब्योन साइट पर एक्सपेरिमेंटल लाइट वाटर रिएक्टर (ELWR) पूरा होने और ऑपरेशनल स्थिति के करीब है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि तस्वीरों से पता चलता है कि योंगब्योन में 5 मेगावाट के रिएक्टर का काम करना जारी है और ELWR के आसपास एक सहायक इमारत पर निर्माण शुरू हो गया है. इसके अलावा उस रिएक्टर के कूलिंग सिस्टम से पानी के निर्वहन का पता चला था. योंगब्योन के यूरेनियम संवर्धन संयंत्र के आसपास नया निर्माण भी शुरू हो गया था, जिससे इसकी क्षमताओं का विस्तार होने की संभावना है.
रिपोर्ट में उत्तर कोरियाई नेता का जिक्र करते हुए कहा गया है, "ये घटनाक्रम किम जोंग उन के हालिया निर्देश को दर्शाते हैं कि देश के परमाणु हथियारों के शस्त्रागार का विस्तार करने के लिए सामग्री उत्पादन को बढ़ाया जाए."
कोरिया ने 2017 में शुरू किया था परीक्षण
उत्तर कोरिया ने मंगलवार को नए और छोटे परमाणु हथियारों का अनावरण किया. साउथ कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा सैन्य अभ्यासों की निंदा करते हुए अपने शस्त्रागार का विस्तार करने के लिए अधिक हथियार-ग्रेड परमाणु सामग्री का उत्पादन करने की कसम खाई. राज्य मीडिया ने कहा कि किम जोंग ने देश के परमाणु शस्त्रागार को तेजी से बढ़ाने के लिए दूरदर्शी तरीके से हथियार-ग्रेड सामग्री के उत्पादन का आदेश दिया था. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, विश्लेषकों का कहना है कि अगर 2017 के बाद पहली बार परमाणु परीक्षण फिर से शुरू होता है तो इस तरह के हथियारों को बेहतर बनाना एक महत्वपूर्ण लक्ष्य होगा.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.










