
कार्ड बांटकर केजरीवाल को मिलेगी कुर्सी? दिल्ली में 'महिला सम्मान' पर छिड़ा सियासी संग्राम
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दिल्ली सरकार की महिला सम्मान योजना का ऐलान दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर किया गया है. इस योजना में, हर योग्य महिला को 2100 रुपये मासिक सहायता देने का वादा किया गया है. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के तहत, महिलाओं को एक प्लास्टिक कार्ड दिया जाएगा, और यह कार्ड एक्टिव होने के बाद ही वे इस राशि का लाभ प्राप्त कर सकेंगी.
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नजदीक आते ही, राजधानी की सियासत में हलचल तेज हो गई है. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनावी घोषणा करते हुए एक बड़ी योजना की शुरुआत की है. इस योजना के तहत, सरकार ने हर महिला को 2100 रुपये प्रति माह की सम्मान राशि देने का ऐलान किया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर को सुधारना है. इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. इस घोषणा के साथ ही, दिल्ली की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं, लेकिन विपक्षी दलों ने इस योजना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, और इसे सिर्फ एक चुनावी वादा करार दिया है.
महिलाओं को रजिस्ट्रेशन के साथ दिया जा रहा है कार्ड दिल्ली सरकार की महिला सम्मान योजना का ऐलान दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर किया गया है. इस योजना में, हर योग्य महिला को 2100 रुपये मासिक सहायता देने का वादा किया गया है. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के तहत, महिलाओं को एक प्लास्टिक कार्ड दिया जाएगा, और यह कार्ड एक्टिव होने के बाद ही वे इस राशि का लाभ प्राप्त कर सकेंगी. पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद इस योजना की शुरुआत की और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सार्वजनिक किया.
विपक्षी दलों ने इस योजना पर सवाल उठाते हुए इसे केवल चुनावी लोकलुभावन वादा करार दिया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने इस योजना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "अगर केजरीवाल पंजाब में महिलाओं को आज तक पैसे नहीं दे पाए, तो दिल्ली में यह कैसे संभव हो सकता है?" वहीं, बीजेपी ने इसे महज एक चुनावी झांसा बताते हुए कहा कि यह योजना केवल वोट बटोरने के लिए बनाई गई है और इसके लिए दिल्ली के खजाने पर भारी बोझ पड़ेगा.
बीजेपी का आरोप है कि केजरीवाल का यह वादा भी पंजाब में महिलाओं को दिए जाने वाले पैसे जैसा ही साबित होगा, जहां वादे के बावजूद आज तक कोई पैसा महिलाओं के खाते में नहीं गया. यह भी कहा कि अगर इस योजना को लागू किया गया तो दिल्ली सरकार को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि 38 लाख महिलाओं को 2100 रुपये देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च होगा. यह स्थिति उस समय सामने आई है जब दिल्ली सरकार पहले से ही सब्सिडी पर भारी खर्च कर रही है.
बीजेपी ने की चार्जशीट बुकलेट जारी
इस बीच, बीजेपी ने आम आदमी पार्टी पर हमला बोलते हुए एक चार्जशीट बुकलेट जारी की है. बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि यह चार्जशीट दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार की करतूतों और झूठे वादों का खुलासा करती है. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस चार्जशीट में दिल्ली सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए. ठाकुर ने कहा, "आप ने दिल्ली को मुफ्त बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं का वादा किया था, लेकिन दिल्ली के लोग आज भी इन सेवाओं के लिए भुगतान कर रहे हैं."

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