
कानपुर रेप केस : फरार आरोपी अजय ठाकुर की दारोगा और BJP नेताओं के साथ की तस्वीर वायरल
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नाबालिग से रेप के प्रयास के दोषी अजय ठाकुर की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं. इनमें वह यूपी पुलिस के दारोगा को माला पहनाता नजर आ रहा है. साथ ही बीजेपी नेताओं के साथ की उसकी तस्वीर भी वायरल है. अजय ठाकुर अभी भी फरार है. नाबालिग से रेप करने वाला उसका दोस्त गिरफ्तार कर लिया गया था.
कानपुर में नाबालिग के साथ हुए रेप केस में एक आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. मगर, रेप के प्रयास और नाबालिग को पीटने वाले सात अन्य आरोपी अभी तक पुलिस की पहुंच से दूर हैं. अब आरोपियों में शामिल अजय ठाकुर की कुछ तस्वीरें तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.
इनमें वह यूपी पुलिस के दारोगा को माला पहनाता नजर आ रहा है. साथ ही बीजेपी के नेताओं के साथ उसकी तस्वीर होर्डिंग में लगी हुई भी नजर आ रही हैं. घटना के सात दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस फरार आरोपियों का पता नहीं लगा सकी है.
दरअसल, तीन मार्च को नाबालिग के साथ हुए रेप मामले में अजय ठाकुर आरोपी है. ऐसे में उसका दारोगा और बीजेपी नेताओं संग तस्वीर वायरल होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं. क्योंंकि शुरुआत में पुलिस ने मामले में लापरवाही दिखाई थी. आज तक ने जब यह मामला उठाया था तब पुलिस ने एक्शन लेते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया था.
अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था लड़का
गौरतलब है कि डॉक्टर दंपति की इकलौती बेटी की कानपुर में ही रहने वाले विकास ठाकुर नाम के युवक से इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी. इसी दौरान उसकी फोटो लेकर विकास ने अश्लील वीडियो बना लिए. इसके जरिए वो ब्लैकमेल करता था. उससे डरकर लड़की कोटा चली गई थी. एक हफ्ते पहले वो घर आई थी. इसी दौरान युवक ने फोन करके वीडियो वायरल करने की धमकी दी.
'अगर नहीं आओगी तो वीडियो वायरल कर दूंगा...'

जिस समय दुनिया में भारत में चल रही AI समिट की वाहवाही हो रही थी. दुनिया के तमाम देशों के राष्ट्रप्रमुख भारत की क्षमताओं और लीडरशिप के कायल हो रहे थे. तब कांग्रेस की यूथ विंग का 'राजनीतिक विरोध'... कुंठा और हताशा की सारी सीमाओं को पार कर गया और फिर उन्होंने जो किया, उसे शर्मनाक, फूहड़ता, निर्लज्जता और 'राजनीतिक अधोपतन' ही कहा जा सकता है. कांग्रेस की यूथ विंग के कार्यकर्ताओं ने किसी पूर्व नियोजित योजना के तहत सुरक्षा घेरा तोड़कर AI समिट में प्रवेश किया.

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यह वीडियो कांग्रेस द्वारा AI समिट में किए गए विरोध प्रदर्शन पर केंद्रित है. दिल्ली पुलिस इस मामले में जांच कर रही है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. विपक्ष के विरोध ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह विरोध राजनीतिक साजिश के तहत किया गया है. इस दौरान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे और प्रदेश की सकारात्मक विकास खबरों पर भी चर्चा की गई है. देखें खबरदार.

एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आयोजन स्थल के भीतर विरोध प्रदर्शन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए गए और टी-शर्ट्स पर संदेश लिखे गए. समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और कई वैश्विक कंपनियों के प्रमुख मौजूद थे. विरोध के समय और तरीके को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है.

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