
कानपुर: कभी अपराधियों में था नाम का खौफ, कैसे 100 करोड़ के करप्शन में फंसे ऋषिकांत शुक्ला? पढ़िए इनसाइड स्टोरी
AajTak
मुंबई के दया नायक, प्रदीप शर्मा और कानपुर के ऋषिकांत शुक्ला जैसे एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अपने करियर के अंतिम दौर में भ्रष्टाचार के आरोपों का शिकार क्यों होते हैं? रिटायर्ड आईपीएस राजेश पांडे के अनुसार, पुलिस बड़ी सूचनाओं के लिए मुखबिरों (छोटे अपराधियों) को पालती है, जो ताकत होते हैं. लेकिन लालच में कुछ पुलिसकर्मी उन्हीं अपराधियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार के दलदल में फंस जाते हैं, जिससे उनका करियर खत्म हो जाता है.
बड़े-बड़े गैंगस्टर, अंडरवर्ल्ड डॉन, माफिया के गैंग को खत्म करने वाले एनकाउंटर स्पेशलिस्ट का आखिर करियर के आखिरी दौर में भ्रष्टाचार कैसे एनकाउंटर कर देता है. क्या अपराधियों के आसपास रहते-रहते एनकाउंटर स्पेशलिस्ट 'करप्शन स्पेशलिस्ट' हो जाते हैं? मायानगरी मुंबई को अंडरवर्ल्ड से मुक्त करने वाले दया नायक हों, प्रदीप शर्मा हों या फिर कानपुर के D2 गैंग को खत्म करने वाले ऋषिकांत शुक्ला. क्यों हुए ये सभी करप्शन के एनकाउंटर का शिकार? पढ़िए यह रिपोर्ट...
दया नायक, प्रदीप शर्मा और अब ऋषिकांत शुक्ला... यह वह नाम हैं जो अपराधियों के बीच कभी खौफ का नाम थे. विभाग में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहे जाते थे. लेकिन जिंदगी भर अपराध और अपराधियों के खिलाफ की गई मोर्चेबंदी पर एक दिन सवाल खड़े हो जाते हैं और भ्रष्टाचार इनके करियर का एनकाउंटर कर देता है?
इस सवाल पर उत्तर प्रदेश के सबसे खतरनाक गैंगस्टर श्री प्रकाश शुक्ला को मार गिराने वाली एसटीएफ के फाउंडर मेंबर रहे रिटायर्ड आईपीएस राजेश पांडे कहते हैं- 'पुलिस में बड़े अपराधी की मुखबिरी के लिए छोटे अपराधी की मदद ली जाती है. दूसरे शब्दों में कहें तो बड़ी सूचना के लिए उनको पुलिस वाला पालता है. यही मुखबिर तंत्र उस अफसर का और पुलिस की ताकत भी होती है. जिसका जितना अच्छा मुखबिर तंत्र वो उतना अच्छा अफसर. लेकिन कई बार लालच में फंसकर कुछ पुलिसकर्मी ऐसे अपराधियों के साथ मिल भी जाते हैं. लेकिन वह विभाग में चिन्हित हो जाते हैं. लंबा नहीं चलते हैं. कई बार वो खुद ही नौकरी तक छोड़ देते हैं.'
बकौल राजेश पांडे- 'कई बार जिस अपराधी को पुलिस अफसर पकड़ता है, जेल भेजता है या उसके परिवार गैंग के किसी व्यक्ति का एनकाउंटर करता है तो वो उससे रंजिश मान लेते हैं और फिर कई साल बाद मौका मिलते ही भ्रष्टाचार का आरोप लग जाता है. ऐसे में आरोप की जांच होना बेहद जरूरी है. प्रदीप शर्मा, दया नायक इसके उदाहरण हैं जिनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे और आज तो दया नायक मुंबई पुलिस का एक अहम हिस्सा हैं.'
तो क्या ऋषिकांत शुक्ला भी कनपुरिया अपराधियों की साजिश में फंसे?
यह सवाल इसलिए उठता है क्योंकि मैनपुरी में तैनात रहे डिप्टी एसपी ऋषिकांत शुक्ला को भ्रष्टाचार से 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति जुटाने के मामले में सस्पेंड किया गया तो 'आज तक' से बातचीत में ऋषिकांत शुक्ला ने सारे आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनके पास ऐसी कोई बेनामी संपत्ति नहीं है. जो भी है उनकी वैध संपत्ति है. जिस व्यक्ति ने आरोप लगाया उसको उन्होंने कई बार जेल भेजा है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







