
कानपुरः लिव-इन में रह रही प्रेमिका को होटल में बुलाकर मारे ताबड़तोड़ चाकू, लगाने पड़े 200 टांके
AajTak
उत्तर प्रदेश के कानपुर में लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रही प्रेमिका पर उसके प्रेमी ने चाकू से हमला कर दिया. डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती महिला को 200 टांके लगाए हैं. फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है.
उत्तर प्रदेश के कानपुर में लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने वाली एक प्रेमिका को उसके पार्टनर ने होटल में बुलाकर चाकू से हमला कर दिया. आरोपी ने महिला पर इतने वार किए कि डाक्टरों को उसे 200 टांके लगाने पड़े. ज्यादा खून बहने की वजह से महिला की हालत गंभीर बनी हुई है. हमला करने वाले प्रेमी ने उसे होटल में बुलाया था, जहां उसने इस वारदात को अंजाम दिया. पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है.
जानकारी के अनुसार, पीड़िता आरोपी के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में थी. महिला ने उसे उधार दिए रुपए मांगे. इस पर आरोपी ने महिला को पैसे देने के बहाने एक होटल में बुलाया. इसके बाद जब महिला होटल पहुंची तो उसने चाकू से उस पर हमला कर दिया. इसके बाद महिला खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ी. आरोपी उसे खींचते एक कमरे में ले गया. आरोप है कि वह महिला को जान से मार देना चाहता था, लेकिन पीड़िता ने किसी तरह रूम का गेट बंद कर अपनी जान बचाई.
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने महिला को गंभीर हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों ने तीन घंटे तक महिला की सर्जरी की, जिसमें 200 टांके लगाने पड़े. डॉक्टर अमित जैन ने कहा कि महिला की हालत गंभीर थी. इस दौरान उसका काफी खून बह गया था.
इस मामले में ज्वाइंट सीपी आनंद प्रकाश तिवारी का कहना है कि महिला युवक के साथ लिव-इन- रिलेशनशिप में थी. उसका युवक से विवाद हुआ तो उसने हमला कर दिया. आरोपी को जल्द अरेस्ट कर लिया जाएगा.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









