
कांग्रेस के खाते से आयकर विभाग ने क्यों लिए 65 करोड़? ट्रिब्यूनल पहुंचा मामला
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कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आयकर विभाग ने विभिन्न बैंकों को उसके खातों से 65 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित करने के लिए कहा है. अब पार्टी ने इसके लिए आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) का दरवाजा खटखटाया है और इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है.
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आयकर विभाग ने विभिन्न बैंकों में उसके खातों से "अलोकतांत्रिक तरीके से" 65 करोड़ रुपये की राशि "निकाल" लिए हैं, जबकि आयकर रिटर्न से संबंधित मामला अदालत के विचाराधीन है. पार्टी ने इसके लिए आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील की है. पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने दावा किया है कि 'अगर जांच एजेंसियों की कार्रवाई अनियंत्रित रही तो देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा.'
कांग्रेस ने खटखटाया आईटीएटी का दरवाजा
कांग्रेस ने अब इस 65 करोड़ रुपये की वसूली के खिलाफ आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) का दरवाजा खटखटाया है. कांग्रेस ने अपनी शिकायत में कहा है कि आयकर विभाग ने पीठ के समक्ष निर्धारित सुनवाई के नतीजे की प्रतीक्षा किए बिना ही कार्रवाई की है. कांग्रेस पार्टी की तरफ से विवेक तन्खा पीठ के समक्ष उपस्थित हुए. उन्होंने स्थगन आवेदन का निपटारा होने तक विभाग आगे कार्रवाई न करने का आग्रह किया है. जल्द ही इस मामले की सुनवाई होगी.
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अजय माकन का पोस्ट
कांग्रेस नेता अजय माकन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘कल आयकर विभाग ने बैंकों को कांग्रेस, भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के खातों से 65 करोड़ रुपये से अधिक हस्तांतरित करने के लिए कहा. यह भाजपा सरकार के एक चिंताजनक कदम को दर्शाता है. क्या राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के लिए आयकर देना आम बात है? नहीं.क्या भाजपा आयकर देती है? उत्तर है नहीं. फिर कांग्रेस पार्टी को ₹210 करोड़ की अभूतपूर्व मांग का सामना क्यों करना पड़ रहा है...यह स्थिति लोकतंत्र की स्थिति पर प्रश्च चिह्न खड़े करती है क्या यह खतरे में है? हमारी उम्मीद अब न्यायपालिका पर है.'

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