
कहां तक पहुंची BPSC बनाम छात्रों की लड़ाई? मुख्य सचिव और सेक्रेटरी का भी आया बयान, PK से पप्पू यादव तक जानें सब कुछ
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बीपीएससी बनाम छात्रों की लड़ाई अब उससे कहीं आगे बढ़ गई है. छात्रों के एक डेलिगेशन ने मुख्य सचिव से मुलाकात की है. हालांकि, अभी दोनों के बीच की बातचीत किसी हल तक नहीं पहुंच पाई है. अभ्यर्थी सत्यम ने कहा,'काफी सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है. मुख्य सचिव ने हमारी पूरी बात धैर्यपूर्वक सुनी.'
बिहार के पटना में BPSC अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है. इस बीच छात्रों के डेलिगेशन ने मुख्य सचिव से मुलाकात की है. मुख्य सचिव ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिया है कि सीएम नीतीश कुमार पटना लौटेंगे तो उनसे मुलाकात करने की कोशिश की जाएगी.
मुख्य सचिव से बातचीत के बाद डेलिगेशन में शामिल अभ्यर्थी सत्यम ने कहा,'काफी सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है. मुख्य सचिव ने हमारी पूरी बात धैर्यपूर्वक सुनी. उनको पहले से भी इस मामले की पूरी जानकारी है. सरकार की तरफ से मुख्य सचिव ने कहा है कि वह इस पूरे मामले को देख रहे हैं. जब तक सरकार फैसला नहीं लेती, गर्दनीबाग में धरना जारी रहेगा.
छात्र ने आगे कहा,'सवाल हमारी संतुष्टि का नहीं है. सरकार क्या फैसला लेती है यह देखना होगा. हमने मुख्य सचिव से छात्रों के ऊपर दर्ज किए गए केस वापस लेने की मांग की है. गड़बड़ी से जुड़े हुए, जो भी सबूत थे वह हमने मुख्य सचिव को दिए हैं. मुख्य सचिव ने इस तरह का जवाब दिया है, जैसा आमतौर पर ब्यूरोक्रेसी से जुड़े लोग नपे-तुले अंदाज में देते हैं.'
बीपीएससी के चेयरमैन परमार रवि मनु भाई ने भी राज्यपाल से मुलाकात की है. राज्यपाल ने उन्हें बीपीएससी का पक्ष जानने के लिए बुलाया था. बीपीएससी चेयरमैन का कहना है कि दोबारा परीक्षा कराने का सवाल ही नहीं उठता. BPSC अभ्यर्थियों से बातचीत करने को तैयार है. राज्य के 912 केंद्रों में से 911 केंद्रों पर परीक्षा में किसी गड़बड़ी का हमारे पास कोई सबूत नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि किस आधार पर पूरी परीक्षा रद्द करनी चाहिए? 4 जनवरी को केवल एक केंद्र पर दोबारा परीक्षा होगी. जनवरी के अंत तक 70वीं BPSC पीटी परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया जाएगा.'
मार्च करने के लिए गुमराह किया: तेजस्वी
RJD चीफ ने जन सुराज पार्टी और उसके चीफ प्रशांत किशोर पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने पीके पर नीतीश की 'बी-टीम' की तरह काम करने का आरोप लगाया है. तेजस्वी यादव ने कहा,'प्रदर्शनकारियों को गांधी मैदान की तरफ मार्च करने के लिए 'गुमराह' किया गया. जब लाठीचार्ज और पानी की बौछारों का सामना करने का समय आया तो विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले लोग भाग निकले. उन्होंने कहा कि आंदोलन छात्रों ने शुरू किया था. गर्दनी बाग में करीब दो सप्ताह तक चले धरने ने सरकार को हिलाकर रख दिया था, जहां मैं भी गया था. कुछ तत्व सरकार की बी टीम के तौर पर काम कर रहे थे.

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.












