
कहां छिपे हैं आतंकी? राजौरी-पुंछ में सेना का ऑपरेशन तीसरे दिन भी जारी, मोबाइल-इंटरनेट सेवाएं बंद
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बता दें कि 21 दिसंबर की शाम करीब पौने 4 बजे राजौरी/पुंछ के सुरनकोट उपखंड में डेरा की गली और बुफलियाज के बीच घने वन क्षेत्रों में दानार सवानिया मोड़ पर आतंकवादियों ने घात लगाकर सेना के दो वाहनों पर हमला कर दिया था, जिसमें 4 जवान शहीद हो गए और तीन घायल हैं. हमले की चपेट में आए सेना के वाहन एक ऑपरेशन के लिए जा रहे थे, जो इलाके में संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट के बाद गुरुवार सुबह शुरू किया गया था.
जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ में आतंकियों की खोज में सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी है. राजौरी और पुंछ में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. सुरक्षा बलों को अब तक कोई सफलता नहीं मिली है. परसों से चल रहे तलाशी अभियान में आतंकवादियों से कोई संपर्क स्थापित नहीं हुआ है. सैन्य अधिकारियों को शक है कि आतंकवादी उस इलाके से बचकर भागने में सफल रहे हैं और किसी दूसरे क्षेत्र में छिप गए हैं.
आज भी जमीनी अभियान के साथ ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से राजौरी और पुंछ के घने जंगलों में आतंकियों की तलाश में सुरक्षा बल अभियान चला रहे हैं. पुंछ जिले में सेना के दो वाहनों पर आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले के एक दिन बाद शुक्रवार को घटनास्थल से तीन लोग संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए. पुंछ के डिप्टी कमिश्नर चौधरी मोहम्मद यासीन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनय कुमार तीन लोगों की मौत की रिपोर्ट के बाद बुफलियाज पहुंचे, जबकि जम्मू डिवीजनल कमिश्नर रमेश कुमार भी सुरनकोट जा रहे हैं. पुलिस की जांच जारी है.
हवाई निगरानी के बीच जमीनी तलाशी अभियान तेज
बता दें कि 21 दिसंबर की शाम करीब पौने 4 बजे राजौरी/पुंछ के सुरनकोट उपखंड में डेरा की गली और बुफलियाज के बीच घने वन क्षेत्रों में दानार सवानिया मोड़ पर आतंकवादियों ने घात लगाकर सेना के दो वाहनों पर हमला कर दिया था, जिसमें 4 जवान शहीद हो गए और तीन घायल हैं. हमले की चपेट में आए सेना के वाहन एक ऑपरेशन के लिए जा रहे थे, जो इलाके में संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट के बाद गुरुवार सुबह शुरू किया गया था. इलाके की हवाई निगरानी के बीच सेना ने जमीनी तलाशी अभियान तेज कर दिया है. हमले में कुछ सुराग हासिल करने के लिए भारतीय सेना ने अब तक कम से कम एक दर्जन स्थानीय लोगों को भी हिरासत में लिया है.
सेना के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में, सुरक्षा बलों द्वारा एक बहु-स्तरीय घेरा लगाया गया है और गहन जमीनी अभियान चल रहा है. यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस एसओजी और सीआरपीएफ की सहायता से सेना के जवानों द्वारा किया जा रहा है. जमीनी स्तर पर तलाशी के अलावा, सेना उन्नत उपकरणों और ड्रोन का उपयोग करके क्षेत्र में हवाई निगरानी कर रही है. तलाशी के लिए और अधिक सुरक्षा बलों को क्षेत्र में भेजा गया है.
राजौरी-पुंछ में आतंकी वारदात बनी एक नई चुनौती

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