
कश्मीर में जी-20 समिट, एयरपोर्ट से शेर-ए-कश्मीर कन्वेंशन सेंटर तक कई लेवल की सुरक्षा, NSG-मार्कोस कमांडो तैनात
AajTak
श्रीनगर में आज से तीन दिवसीय जी20 समूह की अहम बैठक हो रही है. इसे देखते हुए यहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. अधिकारी कोई जोखिम नहीं ले रहे हैं और बैठक के मद्देनजर पूरी घाटी में सुरक्षा के चौक-चौबंद इंतजाम हैं.
जम्मू-कश्मीर में आज से जी-20 टूरिज्म वर्किंग ग्रुप अहम बैठक हो रही है. जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद यह पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम हो रहा है, जिसमें जी-20 देशों के 60 से अधिक प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं. श्रीनगर में जी20 बैठक से पहले अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जबरवन पहाड़ियों से लेकर डल झील, श्रीनगर तक सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा है.
एनएसजी की ड्रोन-रोधी टीमें आसमान से निगरानी कर रही है, नौसेना के मरीन कमांडो डल झील पर गश्त कर रहे हैं और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी जमीन पर निगरानी रख रहे हैं. तीन दिवसीय जी20 कार्यकारी समूह की टूरिज्म वर्किंग ग्रुप की बैठक के लिए श्रीनगर शहर को सजाया गया है, जबकि कश्मीर घाटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हो.
श्रीनगर हवाईअड्डे से शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) के बैठक स्थल तक के मार्ग को दीवारों पर G20 लोगो लगाया गया है और प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए बड़े पैमाने पर होर्डिंग्स लगाए गए हैं.
-अधिकारियों ने बताया कि एलीट एनएसजी और मरीन कमांडो कार्यक्रम स्थलों की सुरक्षा में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मदद कर रहे हैं.
- आयोजन स्थल के आस-पास के क्षेत्रों, रास्ते और शहर के संवेदनशील स्थानों में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाया गया है.
- बाधारहित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








