
कभी दोस्त... अब बन गए कट्टर दुश्मन, आगे क्या मोड़ लेगी कंबोडिया-थाईलैंड की जंग?
AajTak
कंबोडिया और थाईलैंड के बीच भीषण युद्ध जारी है. कभी कट्टर दोस्त रहे ये दोनों मुल्क अब एक-दूसरे का वजूद मिटाने पर आमादा हैं. थाईलैंड लड़ाकू विमानों और तोपों से हमले कर रहा है, जबकि कंबोडिया ने बारूदी सुरंगें बिछाकर थाईलैंड की जमीनी घुसपैठ को रोका है.
अब कंबोडिया और थाईलैंड के बीच जंग और भीषण होती जा रही है. थाईलैंड की तरफ से लड़ाकू विमानों और तोप से गोले दागे जा रहे हैं तो कंबोडिया ने ऐसा बारूद बिछाया है कि थाईलैंड सिर्फ हवाई हमले कर सकता है, कंबोडिया की सीमा में घुस नहीं सकता.
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच जंग बहुत भयानक हो चुकी है. जहां अब तक थाईलैंड को ज्यादा ताकतवर माना जा रहा था, वहीं कंबोडिया ने रूसी BM-21 रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल कर सबको चौंका दिया. रिपोर्ट के मुताबिक BM-21 रॉकेट ने थाईलैंड में भारी नुकसान पहुंचाया है. वायरल हो रही तस्वीरों में कंबोडियाई सैनिकों को 25 जुलाई को ओड्डार मीनचे प्रांत की सड़क पर रूसी BM-21 रॉकेट लॉन्चर के साथ देखा गया.
RM-70 रॉकेट सिस्टम से जवाबी हमला
कंबोडिया ने थाईलैंड पर RM-70 मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम से भी हमला किया है. पहले दिन जब थाईलैंड ने F-16 लड़ाकू विमान उतारे, तो लगा कि कंबोडिया टिक नहीं पाएगा, लेकिन कंबोडिया ने 24 घंटे में अपनी युद्धनीति से थाईलैंड को हैरान कर दिया.
एशिया में एक और युद्ध का मोर्चा खुला
दुनिया में यह युद्ध का नया मोर्चा है. रूस-यूक्रेन की जंग को तीन साल हो चुके हैं. इज़रायल-गाज़ा, भारत-पाकिस्तान, इज़रायल-ईरान, और इज़रायल-यमन के बीच पहले से जंग जारी है. अब कंबोडिया और थाईलैंड में भीषण युद्ध छिड़ चुका है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.











