
कभी खत्म नहीं होगा कोरोना? वेरिएंट्स ने बढ़ाई एक्सपर्ट की चिंता
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आम बात है कि आबादी अगर एक बार हर्ड इम्युनिटी यानी बीमारी से लड़ने की क्षमता हासिल कर लेती है तो महामारी खत्म हो जाती है और अधिकतर लोगों में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी होती है. ऐसे में संक्रामक बीमारी को फैलने की आशंका न्यूनतम हो जाती है.
पिछले वर्ष हम सोच रहे थे कि कुछ समय बाद कोरोना वायरस से उपजी महामारी समाप्त हो जाएगी और फिर हमारा जीवन 'सामान्य' हो जाएगा. लेकिन यह सोच निश्चित रूप से गलत साबित हुई है. फ्लू की तरह ही SARS-CoV-2 मानव का स्थायी दुश्मन बन सकता है. यह फ्लू की तरह ही नुकसानदायक होगा, लेकिन उससे कहीं ज्यादा बुरा होगा...और यदि यह धीरे-धीरे खत्म भी हो गया तो हमारा जीवन और रोजमर्रा की जिंदगी तब तक पूरी बदल चुकी होगी. तब जीवन के फिर से 'पटरी' पर आने का विकल्प खत्म हो गया होगा और सिर्फ आगे बढ़ना होगा, लेकिन सवाल है कि वास्तव में क्या होगा? (फोटो-Getty Images) यह आम बात है कि आबादी अगर एक बार हर्ड इम्युनिटी यानी बीमारी से लड़ने की क्षमता हासिल कर लेती है तो महामारी खत्म हो जाती है और अधिकतर लोगों में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी होती है. ऐसे में संक्रामक बीमारी को फैलने की आशंका न्यूनतम हो जाती है. यह प्रतिरोधक क्षमता उनमें विकसित होती जो संक्रमण से उबर चुके हैं. टीकाकरण के बाद उनमें प्राकृतिक रूप से हर्ड इम्युनिटी भी विकसित हो चुकी होती है. दुनियाभर में यह एक सिलसिला है जो महामारियों से उबरने के दौरान देखने को मिलता है. (फोटो-Getty Images)
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