
कनाडा में बैठे पत्नी और बेटे ने प्रोफेसर को वीडियो कॉल पर दी अंतिम विदाई, श्मशान घाट तक बहन लेकर गई शव
AajTak
Kanpur News: डॉक्टर प्रेम सागर साहनी चंडीगढ़ के रहने वाले थे. उनकी पत्नी सुमन और इकलौता बेटा विनय कनाडा में रहते हैं. मौत की सूचना पर चंडीगढ़ में रहने वाली डॉक्टर की बहन और बहनोई कानपुर आए. जबकि डॉक्टर की पत्नी और बेटे कनाडा से कानपुर नहीं पहुंच पाए.
UP News: कानपुर के रामा मेडिकल कॉलेज के रेडियाोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर प्रेम सागर साहनी का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. बहन-बहनाई ने श्मशान घाट पर अंतिम क्रिया की रस्में निभाईं. डॉक्टर साहनी की पत्नी और बेटा कनाडा से कानपुर नहीं पहुंच सके. विदेश में बैठे पत्नी और बेटे ने वीडियो कॉल पर ही डॉक्टर साहनी को अंतिम विदाई दी. बुजुर्ग डॉक्टर ने शनिवार को अपने कमरे में जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी.
दरअसल, शनिवार शाम को जब करीब 5:30 बजे सिक्योरिटी इंचार्ज डॉक्टर को बुलाने फ्लैट पर आया तो दरवाजा बंद था और घंटी का जवाब भी नहीं मिला. इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड ने धक्का देकर दरवाजा खोला तो देखा डॉक्टर बेड पर पड़े हैं और उनकी सांसें थमी हुई थीं.
सिक्योरिटी इंचार्ज ने नजदीकी बिठूर थाने में सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी. पुलिस की मानें तो फिलहाल आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदय गति रुकने की वजह से मौत की पुष्टि हुई है.
डॉक्टर प्रेम सागर साहनी चंडीगढ़ के रहने वाले थे. उनकी पत्नी सुमन और इकलौता बेटा विनय कनाडा में रहते हैं. मौत की सूचना पर चंडीगढ़ में रहने वाली डॉक्टर की बहन और बहनोई कानपुर आए. जबकि डॉक्टर की पत्नी और बेटे कनाडा से कानपुर नहीं पहुंच पाए.
डॉक्टर साहनी का बहन और बहनोई ने ही कानपुर के ही भैरव घाट पर अंतिम संस्कार करवाया. वीडियो कॉल के जरिए मृतक की चंडीगढ़ में रह रही अन्य बहनों और पत्नी व बेटे से अंतिम विदाई दिलवाई गई.
मृतक डॉक्टर की बहन भी पेशे से डॉक्टर हैं. उन्होंने बताया कि भाई को बीपी शुगर और हार्ट की प्रॉब्लम थी. यहां से पहले उनकी नियुक्ति जयपुर में थी. पत्नी और बेटे कनाडा में रहते हैं और कभी कभार ही उनसे मिलने आया करते थे.

जिस ईरान को बर्बाद करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप निकले थे. अब लगता है कि उनका पैर उसी ईरान के 'तेल' पर फिसल गया है. और इसलिए वो एक बार फिर पूरी दुनिया को 'चौंकाने' वाला फैसला ले सकते हैं. और ये फैसला ईरान के तेल की Sale से जुड़ा है. ईरान को पूरी तरह से अलग-थलग करने और हर चीज के लिए 'मोहताज' बनाने की कोशिश करने वाले ट्रंप अब खुद ईरान के तेल से प्रतिबंध हटा सकते हैं. और तेल की Sale करने की अनुमति दे सकते हैं? अब सवाल ये है कि जब ट्रंप खुद ईरान के तेल की बिक्री के लिए तैयार हैं, तो वो ईरान से युद्ध क्यों लड़ रहे हैं? क्या वाकई ईरान ने ट्रंप को ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया है, या ट्रंप अपने ही फैसलों की फांस में फंस चुके हैं?

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को कम करने में मदद करने के लिए अमेरिका जल्द ही टैंकरों में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है. बेसेंट ने कहा कि प्रतिबंधित ईरानी तेल के वैश्विक आपूर्ति में शामिल होने से अगले 10 से 14 दिनों तक तेल की कीमतें कम रखने में मदद मिलेगी.

ईरान से अमेरिका-इजरायल की लड़ाई की आंच आज और भड़क गई. अपने सबसे बड़े गैस फील्ड साउथ पार्स पर इजरायल के हमले के जवाब में ईरान ने बीती रात से खाड़ी देशों में कई अहम तेल और गैस के ठिकानों पर हमला किया है. इन हमलों का असर ये है कि आज भारत के समय से दोपहर 3 बजे तक ब्रेंट क्रूड ऑयल 118 डॉलर प्रति बैरल की सीमा को पार कर गया था. इसका असर शेयर बाजार से लेकर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा है. जहां शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट आयी वहीं सोने-चांदी की कीमतें भी टूट गईं. भारत के शेयर बाजार से आज 12 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति साफ हो गई है. सवाल ये है कि क्या पश्चिम एशिया में अब युद्ध का रुख पूरी दुनिया को चपेट में ले चुका है ? इस बीच पहली बार 12 मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों ने खाड़ी देशों पर ईरान के हमले के खिलाफ बयान जारी किया है. तो उधर राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर कड़ा रुख बरकरार रखने के बावजूद ईरानी गैस फील्ड पर इजरायल के हमले से पल्ला झाड़ा है.

अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि आज ईरान पर अमेरिका अटैक का सबसे बड़ा पैकेज लॉन्च करने जा रहा है. जंग की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे उद्देश्य कभी बदले नहीं हैं और ये जंग राष्ट्रपति ट्रंप की इच्छानुसार खत्म होगा. आज ही ईरान ने अपने स्टैंड को बताते हुए कहा था कि अभी उसका बदला पूरा नहीं हुआ है.

ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग अब अपने सबसे निर्णायक और संभवतः सबसे खौफनाक मोड़ पर पहुंच गई है. आज डोवर एयरफोर्स बेस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन छह अमेरिकी नायकों को अंतिम विदाई दी, जिन्होंने एक विमान हादसे में अपनी जान गंवाई लेकिन इस शोक के बीच, वॉशिंगटन के गलियारों से एक ऐसी खबर आ रही है जो पूरी दुनिया को दहला सकती है. रॉयटर्स की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन अब ईरान में 'बूट्स ऑन द ग्राउंड' यानी थल सेना उतारने पर बेहद गंभीरता से विचार कर रहा है.








