
कनाडा में खालिस्तानियों को ISI कर रहा है मदद! देखें वीडियो
AajTak
खालिस्तानी आतंकियों को संरक्षण देने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कनाडा सरकार की छवि खराब होती जा रही है. वहीं भारत के साथ रिश्तों में खटास भी बढ़ गई है. इस बीच खुफिया सूत्रों से हैरान कर देने वाली जानकारी सामने आई है कि कनाडा में खालिस्तानी पाकिस्तान के ISI एजेंटों से नियमित रूप से फंडिंग प्राप्त कर रहे हैं.

जिस ईरान को बर्बाद करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप निकले थे. अब लगता है कि उनका पैर उसी ईरान के 'तेल' पर फिसल गया है. और इसलिए वो एक बार फिर पूरी दुनिया को 'चौंकाने' वाला फैसला ले सकते हैं. और ये फैसला ईरान के तेल की Sale से जुड़ा है. ईरान को पूरी तरह से अलग-थलग करने और हर चीज के लिए 'मोहताज' बनाने की कोशिश करने वाले ट्रंप अब खुद ईरान के तेल से प्रतिबंध हटा सकते हैं. और तेल की Sale करने की अनुमति दे सकते हैं? अब सवाल ये है कि जब ट्रंप खुद ईरान के तेल की बिक्री के लिए तैयार हैं, तो वो ईरान से युद्ध क्यों लड़ रहे हैं? क्या वाकई ईरान ने ट्रंप को ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया है, या ट्रंप अपने ही फैसलों की फांस में फंस चुके हैं?

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को कम करने में मदद करने के लिए अमेरिका जल्द ही टैंकरों में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है. बेसेंट ने कहा कि प्रतिबंधित ईरानी तेल के वैश्विक आपूर्ति में शामिल होने से अगले 10 से 14 दिनों तक तेल की कीमतें कम रखने में मदद मिलेगी.

ईरान से अमेरिका-इजरायल की लड़ाई की आंच आज और भड़क गई. अपने सबसे बड़े गैस फील्ड साउथ पार्स पर इजरायल के हमले के जवाब में ईरान ने बीती रात से खाड़ी देशों में कई अहम तेल और गैस के ठिकानों पर हमला किया है. इन हमलों का असर ये है कि आज भारत के समय से दोपहर 3 बजे तक ब्रेंट क्रूड ऑयल 118 डॉलर प्रति बैरल की सीमा को पार कर गया था. इसका असर शेयर बाजार से लेकर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा है. जहां शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट आयी वहीं सोने-चांदी की कीमतें भी टूट गईं. भारत के शेयर बाजार से आज 12 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति साफ हो गई है. सवाल ये है कि क्या पश्चिम एशिया में अब युद्ध का रुख पूरी दुनिया को चपेट में ले चुका है ? इस बीच पहली बार 12 मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों ने खाड़ी देशों पर ईरान के हमले के खिलाफ बयान जारी किया है. तो उधर राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर कड़ा रुख बरकरार रखने के बावजूद ईरानी गैस फील्ड पर इजरायल के हमले से पल्ला झाड़ा है.

अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि आज ईरान पर अमेरिका अटैक का सबसे बड़ा पैकेज लॉन्च करने जा रहा है. जंग की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे उद्देश्य कभी बदले नहीं हैं और ये जंग राष्ट्रपति ट्रंप की इच्छानुसार खत्म होगा. आज ही ईरान ने अपने स्टैंड को बताते हुए कहा था कि अभी उसका बदला पूरा नहीं हुआ है.

ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग अब अपने सबसे निर्णायक और संभवतः सबसे खौफनाक मोड़ पर पहुंच गई है. आज डोवर एयरफोर्स बेस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन छह अमेरिकी नायकों को अंतिम विदाई दी, जिन्होंने एक विमान हादसे में अपनी जान गंवाई लेकिन इस शोक के बीच, वॉशिंगटन के गलियारों से एक ऐसी खबर आ रही है जो पूरी दुनिया को दहला सकती है. रॉयटर्स की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन अब ईरान में 'बूट्स ऑन द ग्राउंड' यानी थल सेना उतारने पर बेहद गंभीरता से विचार कर रहा है.








