
कंझावला कांड: अंजलि को घसीटने वाली कार में मौजूद चारों आरोपियों पर चलेगा हत्या का केस
AajTak
कंझावला केस में चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस चलेगा. रोहिणी कोर्ट ने गुरुवार को चार आरोपियों पर कत्ल की धारा के तहत चार्ज फ्रेम किए हैं. ये चारों आरोपी अंजलि की मौत के समय कार में मौजूद थे.
कंझावला केस में चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस चलेगा. रोहिणी कोर्ट ने गुरुवार को चार आरोपियों पर कत्ल की धारा के तहत चार्ज फ्रेम किए हैं. ये चारों आरोपी अंजलि की मौत के समय कार में मौजूद थे. दरअसल, दिल्ली के कंझावला में 1 जनवरी की सर्द रात को 20 साल की अंजलि सिंह का शव नग्न अवस्था में मिला था. अंजलि को 13 किलोमीटर तक दिल्ली की सड़कों पर घसीटा गया था.
कैसे हुई थी अंजलि की मौत?
1 जनवरी की सुबह करीब 3.15 बजे एक राहगीर ने कार के पीछे लाश घिसटती हुई देखी थी. इसके बाद उसने पुलिस को करीब 3.24 बजे कॉल की. एक राहगीर ने एक कार के पीछे लाश लटकी होने की जानकारी दी थी. इसके बाद सुबह 4 बजे अंजलि का शव कंझावला में मिला है. अंजलि के जिस्म पर कोई कपड़ा तक नहीं था. थोड़ी दूरी पर पुलिस को अंजलि की स्कूटी दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली थी.
पुलिस ने बताया था कि मामला एक्सीडेंट का है. पुलिस के मुताबिक, बलेनो कार से अंजलि की स्कूटी की टक्कर हुई थी. इस टक्कर के बाद उसका पैर कार में फंस गया. इसके बाद वह 4 किमी तक घिसटती गई. पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
अंजलि की मौत के बाद उसकी दोस्त निधि ने बताया था कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी की रात अंजलि ने काफी शराब पी थी. पुलिस ने अंजलि के पोस्टमॉर्टम के दौरान उसके सैंपल्स को विसरा जांच के लिए भेजा था. जिसकी रिपोर्ट में शराब पीने की बात सामने आई. यानी की हादसे के वक्त अंजलि शराब के नशे में स्कूटी चला रही थी.
पुलिस ने चार्जशीट की थी दाखिल रोहिणी कोर्ट ने कंझावला हिट एंड रन मामले में अप्रैल में 800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें पुलिस ने 7 लोगों को आरोपी बनाया था. पुलिस ने पूछताछ के दौरान 117 गवाहों से पूछताछ की थी. रोहिणी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीरज गौड़ ने सभी आरोपियों एवं अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस पर आज यानी 27 जुलाई को फैसला आया है. 7 में 4 पर हत्या का आरोप पुलिस ने अपनी चार्जशीट में जिन 7 आरोपियों में से चार के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया था, वह दुर्घटना के वक्त गाड़ी के अंदर मौजूद थे. इनके नाम अमित खन्ना, कृष्णा, मिथुन और मनोज मित्तल हैं. सूत्रों के मुताबिक पुलिस के हाथ कुछ ऐसे महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज लगे थे, जिनसे यह बात साफ होती है कि दुर्घटना के स्पॉट के कुछ ही दूरी पर आरोपियों को पता लग गया था कि अंजलि उनकी कार के नीचे फंसी है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









