
औघड़, दिगंबर और उत्तेजित शिव... महिलाओं को क्यों नहीं देखनी चाहिए महाकाल की मंगला आरती
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महाशिवरात्रि के अवसर पर महाकाल मंदिर में महिलाओं के लिए मंगला आरती दर्शन पर पौराणिक और ऐतिहासिक कारणों से प्रतिबंध लगाया गया है. महाकाल का दिगंबर और औघड़ स्वरूप महिलाओं के लिए अत्यंत उत्तेजक माना जाता है, जिससे उनकी संवेदनशीलता प्रभावित हो सकती है.
महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा. इस दिन महादेव शिव की पूजा की जाती है. शिवजी की पूजा करना दुनिया की सबसे सरल पूजा है. जिसमें न तो बहुत ज्ञानी होने की जरूरत है और न ही बहुत कर्मकांडी होने की. शिव पूजा के लिए कहा भी जाता है, 'एक लोटा जल, सब समस्या हल'. इसलिए महाशिवरात्रि सबसे बड़ा अनुष्ठान भी बन जाता है. हालांकि शिवजी के सरल पूजा विधान में भी कुछ मान्यताएं जरूर हैं, जिनका पालन करना होता है. जैसे कि मंगला आरती को महिलाओं को देखने की मनाही...
हालांकि बीते कुछ वर्षों से इस परंपरा का विरोध भी हो रहा है. सवाल है कि आखिर महिलाएं महादेव की मंगला आरती क्यों नहीं देख सकती हैं और इसे लेकर क्या तर्क दिए जाते हैं?
उज्जैन के महाकाल मंदिर मंगला भस्म आरती सबसे पहले बता दें कि मंगला आरती देखने को लेकर जो मनाही है वो खास तौर पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में है. यहां शिव महाकाल यानी समय के ऐसे रूप में स्थापित हैं जो ब्रह्मांड की सत्ता से परे हैं. वह किसी आकार में नहीं हैं और न ही किसी तरह का उनका रूप है.
ब्रह्म मुहूर्त में जब बाबा महाकाल जागते हैं तो उस समय सबसे अधिक उत्तेजित स्थिति में होते हैं. यह उनका सबसे अधिक ऊर्जावान स्वरूप है. इस ऊर्जा को कोई भी सहन नहीं कर सकता है. महाकाल में बहुत प्राचीन परंपरा का इतिहास खंगालें तो महाकाल की मंगला आरती, भस्म स्नान और शृंगार का दर्शन सामान्य लोगों के लिए भी नहीं होता था.
उत्तेजित महादेव का भस्म स्नान भस्म स्नान की प्रक्रिया सिर्फ महाकाल मंदिर के निजी सेवायत और पुजारी ही करते थे. इसमें रात भर जली चिता की सुबह तक ठंडी हो चुकी ताजी भस्म लायी जाती थी और श्मसान की इसी भस्म से बाबा का स्नान होता था. श्मशान की भस्म में एक तरह की नकारात्मक ऊर्जा होती है, जिसका बुरा असर महिलाओं पर हो सकता है. अधिक संवेदनशील और भावुक पुरुषों पर भी ये चिता भस्म नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, इसीलिए महाकाल मंदिर में मंगला आरती को देखने, उस समय बाबा के स्वरूप के दर्शन की मनाही रही है.













